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Question
विकास किसे कहते हैं? यह संवृद्धि तथा परिपक्वता से किस प्रकार भिन्न है?
Solution
विकास गतिशील, क्रमबद्ध, तथा पूर्वकथनीय परिवर्तनों का प्रारूप है जो गर्भाधान से प्रारंभ होता है तथा जीवनपर्यंत चलता रहता है। विकास में मुख्यतया संवृद्धि एवं ह्रास, जो वृद्धावस्था में देखा जाता है, दोनों ही तरह के परिवर्तन निहित होते हैं।
संवृद्धि शारीरिक अंगो अथवा संपूर्ण जीव की बढ़ोत्तरी को कहते हैं। इसका मापन अथवा मात्राकरण किया जा सकता हैं, उदाहरण के लिए, ऊँचाई, वज़न आदि में वृद्धि।
परिपक्वता उन परिवर्तनों को इंगित करता हैं जो एक निर्धारित क्रम का अनुसरण करते हैं तथा प्रधानतः उस आनुवांशिक रूपरेखा (ब्लूप्रिंट) से सुनिश्चित होते हैं जो हमारी संवृद्धि एवं विकास में समानता उत्पन्न करते हैं।
उदाहरण के लिए, अधिकांश बच्चे 7 माह की आयु तक बिना सहारे के बैठ सकते हैं, आठवें महीने तक सहारे के साथ खड़े हो सकते हैं तथा एक वर्ष की उम्र तक चलने लगते हैं। एक बार जब बच्चे की आधारभूत संरचन पर्याप्त रूप से विकसित हो जाती है तो इन व्यवहारों में कुशलता प्राप्त करने के लिए उपयुक्त परिवेश एवं थोड़े से अभ्यास की आवश्यकता होती है। परन्तु,यदि बच्चे परिक्वता की दृष्टी से तैयार नहीं हैं तो इन व्यवहारों को त्वरित करने के लिए किये गए विशेष प्रयास का कोई लाभ नहीं मिलता है।
ये प्रक्रियाएँ अन्दर से प्रस्फुटित होती हैं। ये आन्तरिक एवं आनुवंशिक रूप से निर्धारित समय-सरणी, जो प्रजाति विशेष की चरित्रगत विशेषता होती है, के अनुसार घटित होती है।