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Question
विकासशील देशों में नगरीय बस्तियों की समस्याओं का विवेचन कीजिए।
Long Answer
Solution
- विकासशील देशों के अधिकतर शहर अनियोजित रूप से बसे हैं। रोजगार के अधिक अवसर व नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता के कारण यहाँ जनसंख्या व जन-घनत्व बहुत अधिक होता है। अतः यहाँ भीड़भाड़ अधिक होती है।
- जनसंख्या के भारी दबाव के कारण अनधिकृत व स्लम बस्तियों का लगातार विकास व विस्तार होने से नागरिक सुविधाओं की भारी कमी देखने को मिलती है।
- एशिया पेसिफिक देशों में नगरीय जनसंख्या का 60 प्रतिशत भाग इन्हीं अनधिकृत बस्तियों में रहता है।
- इन देशों के ग्रामीण क्षेत्रों से अकुशल तथा अर्धकुशल श्रमिक नगरीय क्षेत्रों की ओर पलायन करते हैं जिससे जनसंख्या का दबाव और बढ़ जाता है।
- विकासशील देशों के शहर अपर्याप्त वित्तिय संसाधनों के कारण अनेक सामाजिक बुराइयों से ग्रस्त हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा तथा स्वच्छ जल की उपलब्धता गरीब नगरवासियों की पहुँच से बाहर है।
- ग्रामीण क्षेत्रों से पुरुष उत्प्रवास व शहरों में आप्रवास के कारण ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में लिंगानुपात असंतुलित हो जाता है जिससे सामाजिक बुराइयाँ पनपती हैं।
- नगरीय क्षेत्रों में अधिक जनसंख्या के कारण पर्यावरण संबंधी समस्याएँ भी विकराल रूप धारण कर लेती हैं। जैसे-मल व अन्य अपशिष्ट पदार्थों की विशाल मात्रा का निष्ठान करना, ध्वनि प्रदूषण, जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, भू-प्रदूषण तथा यातायात जाम की स्थिति आदि समस्याओं के कारण यहाँ के निवासियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
- कंकरीट, लौह-इस्पात व कांच से बनी बहुमंजिला इमारतें उष्म द्वीप का कार्य करती हैं जो कि मनुष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालती हैं।
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आकृति के आधार पर नगरों का वर्गीकरण
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