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‘विरोधी स्‍थितियों में मेहनत ही हमारी सहायक बनती है’, विषय पर अपने विचार लिखिए। - Hindi [हिंदी]

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Question

‘विरोधी स्‍थितियों में मेहनत ही हमारी सहायक बनती है’, विषय पर अपने विचार लिखिए।

Short Note

Solution

आपके सामने ऐसी स्थिति भी आ सकती है। जब आपको ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े जिसका सामना आप कभी नहीं करना चाहते थे। आपको वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए अपनी कमजोरियों और स्थितियों से अकेले लड़ना होगा। जीवन प्रत्येक व्यक्ति को कठिनाइयों के साथ साथ मौके भी प्रदान करती है। उस मौके का लाभ उठाना और उसे समझना आपका कार्य है।

श्रम ही सफलता का मूल मंत्र है। निरंतन श्रम ही किसी व्यक्ति, जाति या देश के विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। आपको संसार में ऐसे अनेक उदाहरण मिलेंगे, जहाँ मनुष्य ने अपनी श्रमशीलता के बल पर ही शिखर को छुआ हैं। कभी-कभी व्यक्ति, समाज तथा राष्ट्र के सामने विपरीत परिस्थितियाँ भी उपस्थित होती हैं। इन विपरीत परिस्थितियाँ में भी केवल श्रम ही सहायक हो सकता है। पुरुषार्थी मनुष्य कभी पराजित नहीं होता। श्रम करने वाला गहरे पानी में बैठकर मोती चुनकर ले आता है। अकेला व्यक्ति पहाड़ से सुरंग निकाल लेता है। कुछ पुरुषार्थी व्यक्ति निर्जन पहाड़ी को वृक्ष लगाकर गुलजार कर देते हैं। इस प्रकार यह बात बिलकुल सच है कि विरोधी स्थितियों में मेहनत ही हमारी सहायक बनती है।

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मानस का हंस
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Chapter 2.06: मानस का हंस - अभिव्यक्‍ति [Page 88]

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Balbharati Hindi - Kumarbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 2.06 मानस का हंस
अभिव्यक्‍ति | Q १. | Page 88
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