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Question
विशिष्ट ऊष्माधारिता किसे कहते है? प्रत्येक पदार्थ की ऊष्माधारिता भिन्न-भिन्न होती है, यह प्रयोग द्वारा किस प्रकार सिद्ध करोगे?
Answer in Brief
Solution
- इकाई द्रव्यमान वाले पदार्थ का तापमान 1°C से बढ़ाने के लिए दी जाने वाली ऊष्मा को उस पदार्थ की विशिष्ट ऊष्माधारिता कहते हैं |
- सामग्री : मोम की मोटी परत का ट्रे, लोहा, ताँबा, सीसा इनके समान द्रव्यमानों के ठोस गोले, बर्नर अथवा स्पिरिट का लैम्प, बड़ा बीकर आदि।
धातुओं की विशिष्ट उष्माधारकता
कृति :
- समान द्रव्यमान वाले लोहे, ताँबे तथा सीसे के ठोस गोले लो (आकृति )
- तीनों गोले उबलते हुए पानी में कुछ समय के लिए रखो।
- कुछ समय के बाद उनको उबलते हुए पानी से बाहर निकालो। तीनों गोले का तापमान उबलते पानी के तापमान के बराबर अर्थात 100 °C होगा। उन्हें तुरंत मोम की मोटी परत पर रखो।
- प्रत्येक गोला मोम में कितने नीचे (गहराई) तक गया ? नोट करो।
जिस गोले ने अधिक ऊष्मा अवशोषित किया वह गोला मोम को अधिक ऊष्मा देकर मोम अधिक मात्रा में पिघलायेगा और वह गोला अधिक गहराई तक जाएगा।
उपरोक्त विधी में लोहे का गोला मोम में अधिक गहराई तक जाता है। सीसे का गोला मोम में सबसे कम गहराई तक जाता है। ताँबे का गोला दोनों के बीचोंबीच उस मोम में डुबा हुआ दिखाई देता है। इस आधार पर यह स्पष्ट दिखाई देता है, कि तापमान समान मात्रा में बढ़ने पर भी प्रत्येक गोले द्वारा अवशोषित की गई ऊष्मा भिन्न है। अर्थात ऊष्मा अवशोषित करने का गुणधर्म प्रत्येक गोले का भिन्न है।
इसके आधार पर सिद्ध होता है कि लोहा, ताँबा तथा सीसा की विशिष्ट ऊष्माधारिता भिन्न है। ऐसा दिखाई देता है कि लोहा, ताँबा तथा सीसा इनके बदले अन्य पदार्थ लेने पर भी उनकी विशिष्ट ऊष्माधारिता भिन्न होती है।
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विशिष्ट ऊष्माधारिता का मापन (मिश्रण पद्धती) और कॅलरीमाप
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