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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 7th Standard

विश्वास की नींव पर ही रिश्ते मजबूत बनते हैं। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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Question

विश्वास की नींव पर ही रिश्ते मजबूत बनते हैं।

Very Long Answer

Solution

रिश्तों की नींव ईंट-पत्थर से नहीं, बल्कि भरोसे और विश्वास से बनती है। जब दो लोग एक-दूसरे पर पूरा विश्वास करते हैं, तो उनके बीच का रिश्ता समय, दूरी और मुश्किलों की कसौटी पर भी अडिग रहता है।

जहाँ विश्वास होता है, वहाँ प्यार, समझदारी, सहयोग और सम्मान भी अपने आप जुड़ जाते हैं। लेकिन यदि रिश्ते में विश्वास न रहे, तो वह धीरे-धीरे टूटने लगता है, चाहे वह दोस्ती हो, पारिवारिक संबंध हो या जीवनसाथी का रिश्ता।

  • विश्वास अर्जित किया जाता है, थोपा नहीं जाता।
  • एक झूठ, एक धोखा – सालों का विश्वास तोड़ सकता है।
  • विश्वास बनाए रखने के लिए ईमानदारी, संवाद और संवेदनशीलता जरूरी है।
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Chapter 1.2: ऐसे उतारी आरती - पाठ्य प्रश्न [Page 7]

APPEARS IN

Balbharati Integrated 7 Standard Part 4 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
Chapter 1.2 ऐसे उतारी आरती
पाठ्य प्रश्न | Q ८. | Page 7
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