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Question
व्यवस्थात्मकतः निम्नलिखित में संगत समविभव पृष्ठ का वर्णन कीजिए :
- z-दिशा में अचर विद्युत-क्षेत्र
- एक क्षेत्र जो एकसमान रूप से बढ़ता है, परन्तु एक ही दिशा (मान लीजिए z-दिशा) में रहता है।
- मूल बिन्दु पर कोई एकल धनावेश, और
- एक समतल में समान दूरी पर समान्तर लम्बे आवेशित तारों से बने एकसमान जाल।
Answer in Brief
Solution
- x-y समतल के समान्तर समतल।
- समविभव पृष्ठ x-y समतल के समान्तर होंगे, परन्तु बढ़ते क्षेत्र के साथ, भिन्न-भिन्न नियत विभव वाले समतल एक-दूसरे के समीप होते जाएँगे।
- संकेन्द्रीय गोले जिनके केन्द्र मूल बिन्दु पर हैं।
- ग्रिड के समीप, समविभव पृष्ठों की आकृति समय के साथ बदलेगी परन्तु ग्रिड से दूर जाने पर समविभव पृष्ठ ग्रिड (जाल) के अधिकाधिक समान्तर होते जाएँगे।
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समविभव पृष्ठ
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