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यह कहानी जमीन के अंदर की जिंदगी का पता देती है। जमीन के ऊपर मंगल ग्रह पर सब कुछ कैसा होगा, इसकी कल्पना करो और लिखो? - Hindi (हिंदी)

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Question

यह कहानी जमीन के अंदर की जिंदगी का पता देती है। जमीन के ऊपर मंगल ग्रह पर सब कुछ कैसा होगा, इसकी कल्पना करो और लिखो?

Short Note

Solution

जैसा कि छोटू के पिता ने उसे बताया था, पहले उनके पूर्वज जमीन के ऊपर ही रहा करते थे। उनका जीवन वहाँ सामान्य था। बिना किसी प्रकार के यंत्र की सहायता के वे वहाँ रहा करते थे। इतना ही नहीं वहाँ पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और अन्य जीव भी रहा करते थे। छोटू के पिता की इन बातों से लगता है कि मंगल ग्रह पर धरती के ऊपर का जीवन सामान्य रही होगा। ठीक वैसे ही, जैसे हम पृथ्वी पर रहते हैं। परंतु वातावरण में परिवर्तन आने के बाद से सब कुछ बदल गया। पेड़ पौधे और पशु पक्षी नष्ट हो गए। ठंड इतनी ज्यादा बढ़ गई कि आम लोगों का वहाँ रहना मुश्किल हो गया। लोगों ने यंत्रों की सहायता से जमीन के नीचे घर बना लिए। अब तो बिना स्पेस सूट और खास जूतों के मंगल की धरती पर चलना-फिरना और साँस लेना भी। मुश्किल है। एक सामान्य व्यक्ति के लिए वहाँ के परिवेश में रह पाना असंभव है।

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गद्य (Prose) (Class 6)
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Chapter 6: पार नज़र के - अनुमान और कल्पना [Page 41]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 6 पार नज़र के
अनुमान और कल्पना | Q 1 | Page 41

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अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा।

  • अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा। ऊपर रेखांकित संज्ञाएँ क्रमशः किसी भाव और किसी की विशेषता के बारे में बता रही हैं। ऐसी संज्ञाएँ भाववाचक कहलाती हैं। गुण और भाव के अलावा भाववाचक संज्ञाओं का संबंध किसी की दशा और किसी कार्य से भी होता है। भाववाचक संज्ञा की पहचान यह है कि इससे जुड़े शब्दों को हम सिर्फ महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते। आगे लिखी भाववाचक संज्ञाओं को पढ़ो और समझो। इनमें से कुछ शब्द संज्ञा और क्रिया से बने हैं। उन्हें भी पहचानकर लिखो-

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