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यदि बोर के प्रथम कक्ष में इलेक्ट्रॉन का वेग 2.9 × 106 ms−1 है, तो इससे संबंधित दे-ब्रॉग्ली तरंग-दैर्घ्य की गणना कीजिए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

यदि बोर के प्रथम कक्ष में इलेक्ट्रॉन का वेग 2.19 × 106 ms−1 है, तो इससे संबंधित दे-ब्रॉग्ली तरंग-दैर्घ्य की गणना कीजिए।

Numerical

Solution

λ = `"h"/"mv"`

= `(6.626 xx 10^-34)/((9.11 xx 10^-31) xx (2.19 xx 10^6))`

= 3.32 × 10−10 m

= 332 pm

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परमाणु के क्वांटम यांत्रिकीय मॉडल की ओर - द्रव्य का द्वैत व्यवहार
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Chapter 2: परमाणु की संरचना - अभ्यास [Page 72]

APPEARS IN

NCERT Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
Chapter 2 परमाणु की संरचना
अभ्यास | Q 2.59 | Page 72

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यह दर्शाइए कि हाइड्रोजन परमाणु की बोर कक्षा की परिधि उस कक्षा में गतिमान इलेक्ट्रॉन की दे-ब्राग्ली तरंग-दैर्घ्य को पूर्ण गुणक होती है।


दे-ब्रॉग्ली द्वारा प्रतिपादित द्रव्य के दोहरे व्यवहार से इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज हुई, जिसे जैव अणुओं और अन्य प्रकार के पदार्थों की अति आवर्धित प्रतिबिंब के लिए उपयोग में लाया जाता है। इस सूक्ष्मदर्शी में यदि इलेक्ट्रॉन का वेग 1.6 × 106 ms−1 है, तो इस इलेक्ट्रॉन से संबंधित दे-ब्रॉग्ली तरंग-दैर्घ्य की गणना कीजिए।


इलेक्ट्रॉन विवर्तन के समान न्यूट्रॉन विवर्तन सूक्ष्मदर्शी को अणुओं की संरचना के निर्धारण में प्रयुक्त किया जाता है। यदि यहाँ 800 pm की तरंग-दैर्घ्य ली जाए, तो न्यूट्रॉन से संबंधित अभिलाक्षणिक वेग की गणना कीजिए।


एक प्रोटॉन, जो 1000 V के विभवांतर में गति कर रहा है, से संबंधित वेग 4.37 × 105 ms−1 है। यदि 0.1 kg द्रव्यमान की हॉकी की गेंद इस वेग से गतिमान है, तो इससे संबंधित तरंग-दैर्घ्य की गणना कीजिए।


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