English

ISC (Science) ISC Class 12 - CISCE Question Bank Solutions for Hindi (Indian Languages)

Advertisements
[object Object]
[object Object]
Subjects
Popular subjects
Topics
Advertisements
Advertisements
Hindi (Indian Languages)
< prev  21 to 30 of 30  next > 

'भक्तिन' एक कर्मठ नारी के संघर्षमय जीवन की कहानी है। इस कथन को भक्तिन के जीवन के चार अध्यायों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

[0.04] लेखन कौशल (Writing Skills)
Chapter: [0.04] लेखन कौशल (Writing Skills)
Concept: undefined > undefined

'अंतिम बार गोद में बेटी;

तुमको ले न सका मैं हा

एक फूल माँ के प्रसाद का

तुझको दे न सका मैं हा!'

  1. प्रस्तुत पंक्तियाँ किस कविता से ली गई हैं? यहाँ मैं शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?            [1]
  2. 'बेटी ने किससे, क्या इच्छा जाहिर की?                       [2]
  3. क्या वक्ता की इच्छा पुरी हो सकी? कारण सहित उत्तर लिखिए।            [2]
  4. इस कविता में कवि ने किस भेदभाव को उजागर किया हैं? वह किस प्रकार देश की प्रगति में बाधक है? समझाकर लिखिए।               [5]
[0.02] पद्य (Poetry)
Chapter: [0.02] पद्य (Poetry)
Concept: undefined > undefined

Advertisements

सूरदास जी की भक्ति भावना पर प्रकाश डालते हुए संकलित पदों के आधार पर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं तथा माता यशोदा के वात्सल्य भाव का वर्णन कीजिए।

[0.02] पद्य (Poetry)
Chapter: [0.02] पद्य (Poetry)
Concept: undefined > undefined

'जाग तुझको दूर जाना है' कविता में कवयित्री स्वयं के मन तथा मानव मन को क्या संदेश देना चाहती हैं? कविता की पंक्तियाँ कहीं-न-कहीं हम सब में एक नया उत्साह भरती हैं। कविता के आधार पर इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

[0.02] पद्य (Poetry)
Chapter: [0.02] पद्य (Poetry)
Concept: undefined > undefined
“बहुत है बहुत है दिवाकर!” कृतज्ञता-गद्गद स्वर में मैंने कहा, यह हो जाए दिवाकर, तो मेरा उद्घार हो जाएगा। तू नहीं जानता मैं कितना परेशान हूँ। घर में एक पल को चैन नहीं मिलता...।
  1. वक्‍ता कौन है? उसका संक्षिप्त परिचय दीजिए।          [1]
  2. दिवाकर कौन है? वह वक्ता को क्या काम दिलवा रहा था?          [2]
  3. वक्ता की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी?          [2]
  4. “तू नहीं जानता मैं कितना परेशान हूँ। घर में एक पल को चैन नहीं मिलता......।" इस कथन के आलोक में वक्ता के घर की स्थिति का वर्णन कीजिए।      [5]
[0.01] गद्य (Prose)
Chapter: [0.01] गद्य (Prose)
Concept: undefined > undefined

राजेन्द्र यादव ने समकालीन संदर्भों एवं समस्याओं का मंथन करते हुए 'सारा आकाश' उपन्यास की रचना की है। समर एक ऐसा पात्र है जिसका चरित्रांकन यथार्थवाद के धरातल पर किया गया है। उक्त कथन को ध्यान सें रखकर समर का चरित्र चित्रण कीजिए।

[0.01] गद्य (Prose)
Chapter: [0.01] गद्य (Prose)
Concept: undefined > undefined

'सारा आकाश' केवल समर और प्रभा की ही कथा नहीं है बल्कि इसके माध्यम से लेखक ने पारिवारिक तथा सामाजिक समस्याओं को भी उजागर किया है। उपन्यास के आधार पर इस कथन की व्याख्या कीजिए। साथ ही यह भी लिखिए कि आप इस कथन से कितना सहमत हैं और क्यों?

[0.01] गद्य (Prose)
Chapter: [0.01] गद्य (Prose)
Concept: undefined > undefined

“उनके प्रसंग में मेरी बात कहीं नहीं आती। मैं अनेकानेक साधारण व्यक्तियों में से हूँ। वे असाधारण हैं। उन्हें जीवन में असाधारण का ही साथ चाहिए था। सुना है राज-दुहिता बहुत विदुषी हैं।”

  1. प्रस्तुत कथन के वक्ता और श्रोता कौन हैं?          [1]
  2. उक्त कथन का संदर्भ स्पष्ट कीजिए।                 [2]
  3. “वक्ता ने असाधारण' किसे कहा और क्यों?        [2] 
  4. उक्त संवाद के आलोक में वक्ता के चारित्र की विशेषताएँ लिखिए।    [5]
[0.01] गद्य (Prose)
Chapter: [0.01] गद्य (Prose)
Concept: undefined > undefined

“राज्याश्रय में रहकर साहित्यकार का लेखन कुंठित हो जाता है -'आषाढ़ का एक दिन' नाटक के आधार पर इस कथन की समीक्षा कीजिए।

[0.01] गद्य (Prose)
Chapter: [0.01] गद्य (Prose)
Concept: undefined > undefined

'कालिदास जहाँ एक तरफ अप्रतिम प्रतिभा के स्वामी हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उनके स्वभाव में दुर्बलताओं को भी देखा गया है।` - इस कथन को ध्यान में रखते हुए कालिदास का चरित्र-चित्रण कीजिए।

[0.01] गद्य (Prose)
Chapter: [0.01] गद्य (Prose)
Concept: undefined > undefined
< prev  21 to 30 of 30  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×