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Chapters
१: कृषि प्रयोगशाला
२: मधुॠतु
३: काकी
४: संदेश
५: आलस का सुख
६: अक्लमंदी
७: साक्षात्कार
मराठी
८: शब्दांचे घर (कविता)
९: वाचनाचे वेड
•: आम्ही बातमी वाचतो
१०: पंडिता रमाबाई
११: लेक (कविता)
•: आपली समस्या आपले उपाय - २
English
3.1: Sleep, Baby, Sleep!
3.2: The Welcome
3.3: News Analysis
3.4: Please don’t read this poem!
3.5: The Red-headed League
गणित
९: समानुपात और विलोमानुपात
१०: बैंक और साधारण ब्याज
११: वृत्त
१२: परिमिति और क्षेत्रफल
सामान्य विज्ञान
Chapter ११: कोशिका की रचना और सूक्ष्मजीव
Chapter १२: मानव का पेशीय तथा पाचन तंत्र
Chapter १३: परिवर्तन : भौतिक और रासायनिक
Chapter १४: तत्त्व, यौगिक और मिश्रण
Chapter १५: हमारे उपयोगी पदार्थ
इतिहास
७: स्वराज्य का प्रशासन
८: आदर्श शासक
९: मराठों का स्वतंत्रता युद्ध
नागरिक शास्त्री
४: मौलिक अधिकार भाग - १
भूगोल
७: मृदा
▶ ८: ॠतुनिर्मिति (भाग - २)
९: कृषि
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Solutions for Chapter ८: ॠतुनिर्मिति (भाग - २)
Below listed, you can find solutions for Chapter ८ of Maharashtra State Board Balbharati for Integrated 7 Standard Part 3 [Hindi Medium] Maharashtra State Board.
Balbharati solutions for Integrated 7 Standard Part 3 [Hindi Medium] Maharashtra State Board ८ ॠतुनिर्मिति (भाग - २) स्वाध्याय [Page 159]
सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखो । कथन पूर्ण करो:
सूर्य का भासमान भ्रमण होता है अर्थात ..........
सूर्य संपूर्ण वर्ष पृथ्वी के चारों ओर घूमता है।
सूर्य के संपूर्ण वर्ष में उत्तर तथा दक्षिण कीओर खिसकने का आभास होता है।
पृथ्वी निरंतर स्थान बदलती है।
यदि पृथ्वी का अक्ष झुका हुआ न होता तो, ..........
पृथ्वी अपने चारों ओर परिभ्रमण न करती।
पृथ्वी सूर्य के चारों ओर तीव्र गति से परिक्रमण करती।
पृथ्वी पर विभिन्न अक्षांशों के भागों में वर्ष भर एक ही प्रकार की जलवायु रहती।
२१ जून और २२ दिसंबर अयनदिन हैं, क्योंकि ...........
सूर्य २१ जून को कर्क रेखा के ऊपर से दक्षिण की ओर तथा २२ दिसंबर को मकर रेखा से उत्तर की ओर मार्गस्थ होता है।
सूर्य का दक्षिणायन २१ जून से २२ दिसंबर की कालावधि में होता है।
पृथ्वी का उत्तरायण २१ जून से २२ दिसंबर की कालावधि में होता है।
पृथ्वी द्वारा सूर्य के चारों ओर किए जाने वाले परिक्रमण और उसके झुके हुए अक्ष के एकत्रित परिणामस्वरूप निम्न ऋतुओं का निर्माण होता है ..........
ग्रीष्मकाल, वर्षाकाल, मानसून की वापसी, शीतकाल
ग्रीष्मकाल, शीतकाल, वसंत ऋतु
ग्रीष्मकाल, शीतकाल
निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखों:
उत्तरी गोलार्ध में ऋतु का निर्माण किस कारण होता है?
संपात स्थिति में पृथ्वी पर दिनमान कैसा होता है?
विषुवत रेखीय क्षत्र में ऋतुओं का प्रभाव क्यों अनुभव नहीं होता?
दक्षिणायन में अंटार्किटिका रेखा से दक्षिण ध्रुव केबीच सूर्य २४ घंटों से भी अधिक समय क्यों दिखाई देता है?
पेंग्विन प्रजाति उत्तरी ध्रुव पर पाई न जाने का क्या कारण होगा?
निम्न कथन की त्रुटि में सुधार कर कथन पुन: लिखो:
पृथ्वी की परिक्रमण गति कालावधि के अनुसार न्यून-अधिक होती रहती है।
निम्न कथन की त्रुटि में सुधार कर कथन पुन: लिखो:
यदि हम उत्तरी गोलार्ध से देखें तो हमें सूर्य का भासमान भ्रमण दिखाई देता है।
निम्न कथन की त्रुटि में सुधार कर कथन पुनः लिखो:
विषुवदिन के दिनांक प्रतिवर्ष बदलते जाते हैं।
निम्न कथन की त्रुटि में सुधार कर कथन पुनः लिखो:
उत्तरी कनाडा में सितंबर से मार्च ग्रीष्मकाल की कालावधि होती है।
निम्न कथन की त्रुटि में सुधार कर कथन पुनः लिखो:
जब दक्षिण अफ्रीका में ग्रीष्मकाल होता है; तब ऑस्ट्रेलिया में शीतकाल होता है।
निम्न कथन की त्रुटि में सुधार कर कथन पुनः लिखो:
वसंत संपात और शरद संपात स्थिति में दिनमान छोटा होता है।
निम्न आकृति में क्या त्रुटियाँ हैं; बताओ:
दक्षिणी गोलार्ध में ऋतुचक्र द्शने वाली आकृति बनाओ।
Balbharati solutions for Integrated 7 Standard Part 3 [Hindi Medium] Maharashtra State Board ८ ॠतुनिर्मिति (भाग - २) उपक्रम [Page 159]
अंतरजाल (इंटरनेट) का उपयोग कर किन्हीं चार स्थानांतरित पक्षियों/प्राणियों की जानकारी चित्रसहित प्राप्त करो।
Balbharati solutions for Integrated 7 Standard Part 3 [Hindi Medium] Maharashtra State Board ८ ॠतुनिर्मिति (भाग - २) ICT का उपयोग [Page 159]
ICT का उपयोग:
अंतरजाल (इंटरनेट) के आधार पर संकेत स्थलों अथवा दिनदर्शिका का उपयोग कर २२ मार्च से २३ सितंबर की कालावधि में प्रत्येक महीने में दिनमान का अंकन निश्चित दिनांकों पर कर लो। उपलब्ध जानकारी के आधार पर संयुक्त स्तंभालेख बनाओ।
ICT का उपयोग:
संगणक पर सूर्य की उपसूर्य स्थिति और अपसूर्य स्थिति को दर्शाने वाली आकृति बनाओ।
Solutions for ८: ॠतुनिर्मिति (भाग - २)
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Balbharati solutions for Integrated 7 Standard Part 3 [Hindi Medium] Maharashtra State Board chapter ८ - ॠतुनिर्मिति (भाग - २)
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Concepts covered in Integrated 7 Standard Part 3 [Hindi Medium] Maharashtra State Board chapter ८ ॠतुनिर्मिति (भाग - २) are ऋतुओं का निर्माण, सूर्य का भासमान भ्रमण, पृथ्वी की उपसूर्य और अपसूर्य स्थिति, ऋतुओं का सजीवों पर प्रभाव.
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