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Chapters
1: स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था
2: भारतीय अर्थव्यवस्था (1950-1990)
इकाई दो : आर्थिक सुधार 1991 से
3: उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण: एक समीक्षा
इकाई तीन : भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान चुनौतियाँ
4: निर्धनता
5: भारत में मानव पूँजी का निर्माण
6: ग्रामीण विकास
▶ 7: रोजगार-संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे
8: आधारिक संरचना
9: पर्यावरण और धारणीय विकास
इकाई चार : भारत और उसके पडोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव
10: भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव
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Solutions for Chapter 7: रोजगार-संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे
Below listed, you can find solutions for Chapter 7 of CBSE NCERT for Economics [English] Class 12.
NCERT solutions for Economics [English] Class 12 7 रोजगार-संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे अभ्यास [Pages 139 - 140]
श्रमिक किसे कहते हैं?
श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की परिभाषा दें।
क्या ये भी श्रमिक हैं एक भिखारी चोर, एक तस्कर, एक जुआरी? क्यों?
इस समूह में कौन असंगत प्रतीत होता है?
नाई की दुकान का मालिक
एक मोची
मदर डेयरी का कोषपाल
परिवहन कंपनी संचालक
निर्माण मज़दूर
नये उभरते रोजगार मुख्यत ______ क्षेत्रक में ही मिल रहे हैं।
सेवा
विनिर्माण
चार व्यक्तियों को मज़दूरी पर काम देने वाले प्रतिष्ठान को ______ क्षेत्रक कहा जाता है।
औपचारिक
अनौपचारिक
राज स्कूल जाता है। पर जब वह स्कूल में नहीं होता, तो प्रायः अपने खेत में काम करता दिखाई देता है। क्या आप उसे श्रमिक मानेंगे? क्यों?
शहरी महिलाओं की अपेक्षा अधिक ग्रामीण महिलाएँ काम करती दिखाई देती हैं। क्यों?
मीना एक गृहिणी है। घर के कामों के साथ-साथ वह अपने पति की कपड़े की दुकान के काम में भी हाथ बँटाती है। क्या उसे एक श्रमिक माना जा सकता है? क्यों?
यहाँ किसे असंगत माना जाएगा
किसी अन्य के अधीन रिक्शा चलाने वाला,
राजमिस्त्री
किसी मेकेनिक की दुकान पर काम करने वाला श्रमिक
जूते पालिश करने वाला लड़का।
निम्न सारणी में 1972-73 में भारत के श्रमबल का वितरण दिखाया गया है। इसे ध्यान से पढ़कर श्रमबल के वितरण के स्वरूप के कारण बताइए। ध्यान रहे कि ये आँकड़े 30 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं।
निवास स्थान | श्रमबल (करोड़ में) | ||
पुरुष | महिलाएँ | कुल | |
ग्रामीण | 12.5 | 6.9 | 19.5 |
शहरी | 3.2 | 0.7 | 3.9 |
इस सारणी में 1999-2000 में भारत की जनसंख्या और श्रमिक जनानुपात दिखाया गया है। क्या आप भारत के (शहरी और सकल) श्रमबल का अनुमान लगा सकते हैं?
क्षेत्र | अनुमानित संख्या (करोड़ों में) | श्रमिक जनसंख्या अनुपात | श्रमिकों की अनुपात संख्या (करोड़ों में) |
ग्रामीण | 71.88 | 41.9 | `71.88/100`x 41.9 = 30.12 |
शहरी | 28.52 | 33.7 | ? |
योग | 100.40 | 39.5 | ? |
शहरी क्षेत्रों में नियमित वेतनभोगी कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र से अधिक क्यों होते हैं?
नियमित वेतनभोगी कर्मचारियों में महिलाएँ कम क्यों हैं?
भारत में श्रमबल के क्षेत्रकवार वितरण की हाल की प्रवृत्तियों का विश्लेषण करें।
1970 से अब तक विभिन्न उद्योगों में श्रमबल के वितरण में शायद ही कोई परिवर्तन आया है। टिप्पणी करें।
क्या आपको लगता है 1950 - 2010 के दौरान में भारत में राज़गार के सृजन में भी सकल घरेलू उत्पाद के अनुरूप वृद्धि हुई है? कैसे?
क्या औपचारिक क्षेत्रक में रोजगार का सृजन आवश्यक है? अनौपचारिक में नहीं? कारण बताइए।
विक्टर को दिन में केवल दो घंटे काम मिल पाता है। बाकी सारे समय वह काम की तलाश में रहता है। क्या वह बेरोजगार है? क्यों? विक्टर जैसे लोग क्या काम करते होंगे?
क्या आप गाँव में रह रहे हैं? यदि आपको ग्राम-पंचायत को सलाह देने के लिए कहा जाए तो आप गाँव की उन्नति के लिए किस प्रकार के क्रियाकलाप का सुझाव देंगे, जिससे रोजगार सृजन भी हो।
अनियत दिहाड़ी मज़दूर कौन होते हैं?
आपको यह कैसे पता चलेगा कि कोई व्यक्ति अनौपचारिक क्षेत्रक में काम कर रहा है?
Solutions for 7: रोजगार-संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे
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NCERT solutions for Economics [English] Class 12 chapter 7 - रोजगार-संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे
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