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Chapters
2: दो गौरेया
▶ 3: चिट्ठियों में यूरोप
4: ओस
5: नाटक में नाटक
6: सागर यात्रा
7: उठ किसान ओ
8: सस्ते का चक्कर
9: एक खिलाड़ी की कुछ यादें
10: बस की सैर
11: हिंदी ने जिनकी जिंदगी बदल दी
12: आषाढ़ का पहला दिन
13: अन्याय के खिलाफ
14: बच्चों के प्रिय श्री केशव शंकर पिल्लै
15: फ़र्श पर
16: बूढ़ी अम्मा की बात
17: वह सुबह कभी तो आएगी
Chapter 18: आओ पत्रिका निकालें
Chapter 19: आह्वान

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Solutions for Chapter 3: चिट्ठियों में यूरोप
Below listed, you can find solutions for Chapter 3 of CBSE NCERT for Hindi - Durva Part 3 Class 8.
NCERT solutions for Hindi - Durva Part 3 Class 8 3 चिट्ठियों में यूरोप अभ्यास [Pages 18 - 21]
पत्र के आधार पर
'चिट्ठियों में यूरोप' इस पत्र के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -
'चिट्ठियों में यूरोप' इस पत्र का लेखक किस शहर/देश की यात्रा पर गया था?
'चिट्ठियों में यूरोप' इस पत्र के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -
उस देश में कौन-कौन से खेल-खेले जाते हैं? वहाँ कौन-सा खेल सबसे अधिक लोकप्रिय है?
'चिट्ठियों में यूरोप' इस पत्र के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -
उस देश के कुछ खाद्य पदार्थों के नाम बताओ।
'चिट्ठियों में यूरोप' इस पत्र के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -
लेखक ने यह क्यों कहा कि "अच्छे से रहना ताकि माँ को तकलीफ़ न हो?"
पत्र से आगे
भारतीय खाने की कुछ चीज़ें जैसे-चावल, सेवइयाँ, मिठाइयाँ यूरोप में अलग ढंग से खाई जाती हैं। क्या भारत में ये चीज़ें अलग-अलग ढंग/तरीकों से बनाई और खाई जाती हैं? पता करो और बताओ।
दूना नदी यूरोप के कई देशों में बहती है। भारत में भी अनेक ऐसी नदियाँ हैं जो कई राज्यों के बीच बहती हैं। ऐसी कुछ नदियों के नाम लिखो। यह भी पता करो कि वे कौन-कौन से राज्यों में से होकर बहती हैं।
नदी का नाम | राज्यों के नाम |
______________ | ______________ |
______________ | ______________ |
______________ | ______________ |
मौसम और ऋतुएँ
पत्र में लिखा गया है कि "मौसम अच्छा चल रहा है। यहाँ बसंत आ रहा है।"भारत के अलग-अलग भागों में भी अलग-अलग तरह का मौसम रहता है। साल भर अलग-अलग ऋतुएँ अपना प्रभाव दिखाती हैं। अब तुम बताओ कि तुम्हारे प्रदेश में साल भर मौसम कैसा रहता है?
खान पान
अपने प्रदेश की कुछ खाने-पीने की चीज़ों के नाम बताओ।
अपने मनपसंद व्यंजन को बनाने का तरीका पता करो और लिखो।
सामग्री- विधि- |
इक्कठा करने का शौक
इसी पुस्तक के किसी पाठ में है कि कुछ लोगों को कोई खास वस्तु इकट्ठा करने का शौक होता है। कुछ लोग गुड़िया, पुस्तकें, चित्र तो कुछ लोग डाक-टिकट इकट्ठे करते हैं।
- यदि तुम्हें भी कोई चीज़ इकट्ठा करने का शौक है, तो उसके बारे में अपने साथियों को बताओ।
- अपने या अपने किसी परिचित के बारे में लिखो जो इस तरह की चीज़ें इकट्ठा करता हो। तुम इन चीज़ों के बारे में लिख सकते हो -
(क) उन्हें कौन-सी चीज़ इकट्ठा करने का शौक है?
(ख) वे इन्हें कहाँ-कहाँ से इकट्ठा करते हैं?
(ग) उनके इस शौक की शुरुआत कैसे हुई?
(घ) वे इकट्ठी की गई चीज़ों को कैसे सँभालकर रखते हैं?
(ङ) इन चीज़ों को इकट्ठा करने और रखने में कौन-कौन सी समस्याएँ होती हैं?
पेड़ पौधों के नाम
इस पत्र में लेखक ने अलग-अलग तरह के पेड़-पौधों का ज़िक्र किया है। पता लगाओ, वे कौन से पेड़-पौधे हो सकते हैं। इस काम के लिए तुम अपने अध्यापकों, अपने साथियों, पुस्तकालय या अन्य साधनों की भी सहायता ले सकते हो।
संकेत | नाम | |
(क) जिसे नए साल पर लगाते/सजाते हैं | ![]() |
__________ |
(ख) सफ़ेद कुमुदनी जैसा नीला-बैंगनी फूल |
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__________ |
(ग) सफ़ेद कुमुदनी जैसा नीला-बैंगनी फूल |
![]() |
गुलाब, सूरजमुखी, कनेर |
मानचित्र में
इस पत्र में अनेक देशों, शहरों और नदियों का जिक्र किया गया है। नीचे दिए गए मानचित्र में उन स्थानों के नाम भरो-
पत्रों के माध्यम
"तुम लोग गौतम से एरोग्राम मँगाकर हमको चिट्ठी लिखना।"
ऊपर के वाक्य पर ध्यान दो और किसी डाकघर में जाकर पता करो कि 'एरोग्राम' किसे कहते हैं। साथ ही यह भी पता करो कि पत्र भेजने के लिए वहाँ कौन-कौन से साधन उपलब्ध हैं?
आधुनकि तकनीक द्वारा भेजे जाने वाले पत्रों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करो। जैसे-ई-मेल, फैक्स आदि।
पत्रों का संकलन
पत्र अपने समय के महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों की बातों/विचारों का दस्तावेज़ होता है। इसलिए महत्त्वपूर्ण पत्रों का संकलन भी किया जाता है और समय-समय पर उससे लाभ भी उठाया जाता है। तुम्हें पता होगा कि भारत की आज़ादी के लिए क्रांतिकारी आंदोलन भी चला था जिसमें सरदार भगत सिंहभी शामिल थे। स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान उनके द्वारा अपने मित्रों को लिखे गए एक पत्र को आगे दिया गया है। तुम इसे पढ़ो।
अब तुम बताओ कि
1. तुम्हें इस पत्र द्वारा आज़ादी से पहले किसके बारे में और क्या जानकारी मिली।
2. तुमने देखा कि पत्रों द्वारा तुम्हें देश-विदेश की ही नहीं बल्कि किसी भी समय, किसी भी महत्त्वपूर्ण बात की जानकारी मिल सकती है। तुम अपनी पसंद के विभिन्न समय, समाज और महत्त्वपूर्ण संदर्भों से जुड़े कुछ पत्रों का एक संकलन तैयार करो तथा उस पर अपने साथियों के साथ बातचीत भी करो।
Solutions for 3: चिट्ठियों में यूरोप

NCERT solutions for Hindi - Durva Part 3 Class 8 chapter 3 - चिट्ठियों में यूरोप
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