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प्रश्न
\[\ce{2A + B -> C + D}\] अभिक्रिया की बलगतिकी अध्ययन करने पर निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। अभिक्रिया के लिए वेग नियम तथा वेग स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
प्रयोग | [A]/mol L−1 | [B]/mol L−1 | D के विरचन का प्रारंभिक वेग/mol L−1 min−1 |
I | 0.1 | 0.1 | 6.0 × 10−3 |
II | 0.3 | 0.2 | 7.2 × 10−2 |
III | 0.3 | 0.4 | 2.88 × 10−1 |
IV | 0.4 | 0.1 | 2.40 × 10−2 |
उत्तर
प्रयोग I तथा IV में [B] समान है लेकिन [A] चार गुना हो गया है तथा अभिक्रिया का वेग भी चार गुना हो गया है।
∴ A के सापेक्ष वेग `∝` [A] …..(i)
प्रयोग II तथा III में [A] समान है लेकिन [B] दोगुना हो गया है तथा अभिक्रिया का वेग I भी चार गुना हो गया है।
B के सापेक्ष वेग `∝` [B]2 …..(ii)
समीकरण (i) तथा (ii) को संयुक्त करने पर हमें अभिक्रिया \[\ce{2A + B -> C + D}\] का वेग नियम प्राप्त हो जाता है।
वेग = k [A] [B]2
अभिक्रिया की समग्र कोटि = 1 + 2 = 3
वेग स्थिरांक की गणना:
k = `"वेग"/(["A"]["B"]^2)`
= `("mol L"^-1 "min"^-1)/(("mol L"^-1)("mol L"^-1)^2)`
= mol−2 L2 min−1
kI = `(6.0 xx 10^-3)/(0.1 xx (0.1)^2)` = 6.0
kII = `(7.2 xx 10^-2)/(0.3 xx (0.2)^2)` = 6.0
kIII = `(2.88 xx 10^-1)/(0.3 xx (0.4)^2)` = 6.0
kIV = `(2.4 xx 10^-2)/(0.4 xx (0.1)^2)` = 6.0
अतः वेग स्थिरांक = 6.0 mol−2 L2 min−1
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