हिंदी

आपके अनुसार सिद्धेश्वरी के झूठ सौ सत्यों से भारी कैसे हैं? अपने शब्दों में उत्तर दीजिए। - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

आपके अनुसार सिद्धेश्वरी के झूठ सौ सत्यों से भारी कैसे हैं? अपने शब्दों में उत्तर दीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

सिद्धेश्वरी ने जो भी झूठ बोले वह अपने परिवार के मध्य एकता, प्रेम और शांति स्थापित करने के लिए बोले थे। उसके झूठों में किसी प्रकार का स्वार्थ विद्यमान नहीं था। उसके झूठ एक भाई का दूसरे भाई के प्रति, बच्चों का पिता के प्रति तथा पिता की बच्चों के प्रति आपसी समझ और प्रेम बढ़ाने के लिए बोले गए थे। इस तरह वह परिवार को मुसीबत के समय एक बनाए रखने का प्रयास करती है। अतः उसके झूठ सौ सत्यों से भारी हैं। झूठ वह कहलाता है, जिससे किसी का नुकसान हो। इन झूठों से किसी का नुकसान नहीं था। परिवार को जोड़े रखने का ये माध्यम थे। ये झूठ अच्छी भावना लेकर बोले गए थे। अतः ये सौ सत्य से बहुत अच्छे हैं।
 
shaalaa.com
दोपहर का भोजन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.2: दोपहर का भोजन - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ३३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antar Class 11
अध्याय 1.2 दोपहर का भोजन
प्रश्न-अभ्यास | Q 9. | पृष्ठ ३३

संबंधित प्रश्न

सिद्धेश्वरी ने अपने बड़े बेटे रामचंद्र से मँझले बेटे मोहन के बारे में झूठ क्यों बोला?


कहानी के सबसे जीवंत पात्र के चरित्र की दृढ़ता का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।


कहानी के उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जिनसे गरीबी की विवशता झाँक रही हो।


'सिद्धेश्वरी का एक दूसरे सदस्य के विषय में झूठ बोलना परिवार को जोड़ने का अनथक प्रयास था' – इस संबंध में आप अपने विचार लिखिए।


'अमरकांत आम बोलचाल की ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं जिससे कहानी की संवेदना पूरी तरह उभरकर आ जाती है।' कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


रामचंद्र मोहन और मुंशी जी खाते समय रोटी न लेने के लिए बहाने करते हैं, उसमें कैसी विवशता है? स्पष्ट कीजिए।


सिद्धेश्वरी की जगह आप होते लो क्या करते?


रसोई सँभालना बहुत जिम्मेदारी का काम है - सिद्ध कीजिए। 


आशय स्पष्ट कीजिए-

वह मतवाले की तरह उठी और गगरे से लोटा भर पानी लेकर गट-गट चढ़ा गई।


आशय स्पष्ट कीजिए -

यह कहकर उसने अपने मँझले लड़के की ओर इस तरह देखा, जैसे उसने कोई चोरी की हो।


आशय स्पष्ट कीजिए -

मुंशी जी ने चने के दानों की ओर इस दिलचस्पी से दृष्टिपात किया, जैसे उनसे बातचीत करनेवाले हो।


अपने आस-पास मौजूद समान परिस्थितियों वाले किसी विवश व्यक्ति अथवा विवशतापूर्ण घटना का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


'भूख और गरीबी में प्राय: धैर्य और संयम नहीं टिक पाते हैं।' इसके आलोक में सिद्धेश्वरी के चरित्र पर कक्षा में चर्चा कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×