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'अमरकांत आम बोलचाल की ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं जिससे कहानी की संवेदना पूरी तरह उभरकर आ जाती है।' कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

'अमरकांत आम बोलचाल की ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं जिससे कहानी की संवेदना पूरी तरह उभरकर आ जाती है।' कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

अमरकांत की भाषा आम बोलचाल की भाषा है। इसमें बनावट का लेशमात्र नहीं है। वे बड़े सहज रूप में बात कह जाते हैं। उदाहरण के लिए-
सिद्धेश्वरी ने पूछा, 'बड़का की कसम, एक रोटी देती हूँ। अभी बहुत-सी हैं।'
मुंशी जी ने पत्नी की ओर अपराधी के समान तथा रसोई की ओर कनखी से देखा, तत्पश्चात किसी घुटे उस्ताद की भाँति बोले, 'रोटी..... रहने दो, पेट काफ़ी भर चुका है। अन्न और नमकीन चीज़ों से तबीयत ऊब भी गई है। तुमने व्यर्थ में कसम धरा दी। खैर, रखने के लिए ले रहा हूँ। गुड़ होगा क्या?' इसमें लेखक ने 'कनखी', 'घुटे उस्ताद', 'बड़के धरा दी' जैसे शब्दों का प्रयोग कर भाषा को सजीव बना दिया है।

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दोपहर का भोजन
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अध्याय 1.2: दोपहर का भोजन - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ३३]

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एनसीईआरटी Hindi - Antar Class 11
अध्याय 1.2 दोपहर का भोजन
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. | पृष्ठ ३३

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