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प्रश्न
आशय स्पष्ट करो
चढ़ी नदी का दिल टटोलकर
जल का मोती ले जाती है।
उत्तर
चिड़िया जल से भरी, उफनती नदी के बीच से अपनी चोंच में पानी की बूंद लेकर उड़ जाती है। ऐसा लगता है जैसे वह नदी के हृदय से मोती लेकर उड़ी जा रही है।
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जब हम किसी बात को कविता में कहते हैं तो वाक्य के शब्दों के क्रम में बदलाव | आता है, जैसे-“छाँह घरीक है ठाढ़े” को गद्य में ऐसे लिखा जा सकता है। “छाया में एक घड़ी खड़ा होकर” । उदाहरण के आधार पर नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को गद्य के शब्दक्रम में लिखो।
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–पुट सूखि गए मधुराधर वै।
–बैठि बिलंब लौं कंटक काढ़े।
–पर्नकुटी करिहौं कित है?