हिंदी

आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रिया को संतुलित कीजिए- CrX2OX72−+SOX2(g)⟶CrX3+(aq)+SOX42−(aq) (अम्लीय माध्यम) - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रिया को संतुलित कीजिए-

\[\ce{Cr2O^2-_7 + SO2(g) -> Cr^3+(aq) + SO^2-_4(aq)}\] (अम्लीय माध्यम)

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

पद 1: पहले हम ढाँचा समीकरण लिखते हैं-

\[\ce{Cr2O^2-_7 + SO2(g) -> Cr^3+(aq) + SO^2-_4(aq)}\] 

पद 2: दो अर्द्ध-अभिक्रियाएँ इस प्रकार हैं-

(i) ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया: \[\ce{\overset{+4}{SO2}(g) -> \overset{+6}{SO^2-_4}(aq)}\]

(ii) अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया:  \[\ce{\overset{+6}{Cr2}O^{2-}_7(aq) -> \overset{+3}{Cr}^{3+}(aq)}\]

पद 3: ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया में O परमाणुओं के संतुलन के लिए हम बाईं ओर दो जल अणु जोड़ते हैं-

\[\ce{SO2(g) + 2H2O(l) -> SO^2-_4(aq)}\]

H परमाणुओं के संतुलन के लिए हम दाईं ओर 4H+ आयन जोड़ देते हैं-

\[\ce{SO2(g) + 2H2O(l) -> SO^2-_4(aq) + 4H+(aq)}\]

पद 4: अपचयन अभिक्रिया में O परमाणुओं के संतुलन के लिए हम दाईं ओर सात जल अणु जोड़ते हैं तथा Cr परमाणु को भी संतुलित करते हैं-

\[\ce{Cr2O^{2-}_7(aq) -> 2Cr^3+(aq) + 7H2O(l)}\]

H परमाणुओं के संतुलन के लिए हम बाईं ओर चौदह H+ आयन जोड़ देते हैं-

\[\ce{Cr2O^{2-}_7(aq)  + 14H^+(aq)-> 2Cr^3+(aq) + 7H2O(l)}\]

पद 5: इस पद में हम दोनों अर्द्ध-अभिक्रियाओं में आवेश का संतुलन इस प्रकार करते हैं-

\[\ce{SO2(g) + 2H2O(l) -> SO^2-_4(aq) + 4H+(aq) + 2e^-}\]

\[\ce{Cr2O^{2-}_7(aq)  + 14H^+(aq) + 6e^--> 2Cr^3+(aq) + 7H2O(l)}\]

इलेक्ट्रॉनों की संख्या एकसमान बनाने के लिए ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया को 3 से गुणा करते हैं-

\[\ce{3SO2(g) + 6H2O(l) -> 3SO^2-_4(aq) + 12H+(aq) + 6e^-}\]

\[\ce{Cr2O^{2-}_7(aq)  + 14H^+(aq) + 6e^--> 2Cr^3+(aq) + 7H2O(l)}\]

पद 6: दोनों अर्द्ध-अभिक्रियाओं को जोड़ने पर-

\[\ce{Cr2O^{2-}_7(aq) +3SO2(g) + 2H+(aq) -> 2Cr^3+(aq) + 3SO^2-_4(aq) + H2O(l)}\]

अंतिम सत्यापन दर्शाता है की दोनों ओर परमाणुओं की संख्या तथा आवेश की दॄष्टि से समीकरण संतुलित हैं।

shaalaa.com
अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 8: अपचयोपचय अभिक्रियाएँ - अभ्यास [पृष्ठ २७९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
अभ्यास | Q 8.18 (घ) | पृष्ठ २७९

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

थेलियम (I) सल्फेट


निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

आयरन (III) सल्फेट


उन पदार्थों की सूची तैयार कीजिए, जिनमें कार्बन -4 से +4 तक की तथा नाइट्रोजन -3 से +5 तक की ऑक्सीकरण अवस्था होती है।


अपनी अभिक्रियाओं में सल्फर डाइऑक्साइड तथा हाइड्रोजन परॉक्साइड ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों ही रूपों में क्रिया करते हैं, जबकि ओजोन तथा नाइट्रिक अम्ल केवल ऑक्सीकारक के रूप में ही। क्यों?


"जब भी एक ऑक्सीकारक तथा अपचायक के बीच अभिक्रिया संपन्न की जाती है, तब अपचायक के आधिक्य में निम्नतर ऑक्सीकरण अवस्था का यौगिक तथा ऑक्सीकारक के आधिक्य में उच्चतर ऑक्सीकरण अवस्था का यौगिक बनता है।" इस वक्तव्य का औचित्य तीन उदाहरण देकर दीजिए।


इस प्रेक्षण की अनुकूलता को कैसे समझाएँगे?

यद्यपि क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट तथा अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट दोनों ही ऑक्सीकारक हैं। फिर भी टॉलूईन से बेंजोइक अम्ल बनाने के लिए हम एल्कोहॉलक पोटैशियम परमैंगनेट का प्रयोग ऑक्सीकारक के रूप में क्यों करते हैं? इस अभिक्रिया के लिए संतुलित अपचयोपचय समीकरण दीजिए।


निम्नलिखित अभिक्रिया में ऑक्सीकृत, अपचयित, ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ पहचानिए-

\[\ce{2AgBr(s) + C6H6O2(aq) -> 2Ag(s) + 2HBr(aq) + C6H4O2(aq)}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया क्यों होती है?

\[\ce{XeO^{4-}_6(aq) + 2F^-(aq) + 6H^+(aq) -> XeO3(g) + F2(g) + 3H2O(l)}\]

यौगिक Na4XeO6 (जिसका एक भाग \[\ce{XeO^{4-}_6}\] है) के बारे में आप इस अभिक्रिया में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?


आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रियाओं को संतुलित कीजिए-

\[\ce{MnO^-_4(aq) + I^-(aq) -> MnO2(s) + I2(s)}\] (क्षारीय माध्यम)


आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रिया को संतुलित कीजिए-

\[\ce{MnO^-_4(aq)  +SO2(g) -> Mn^2+(aq) + HSO^-_4(aq)}\] (अम्लीय माध्यम)


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×