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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) ९ वीं कक्षा

अंतरजाल की सहायता से विविध राज्यों में मनाएँ जानेवाले ‘भैया दूज’, ‘रक्षाबंधन’ त्योहारों की विधियाँ प्राप्त कीजिए। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

अंतरजाल की सहायता से विविध राज्यों में मनाएँ जानेवाले ‘भैया दूज’, ‘रक्षाबंधन’ त्योहारों की विधियाँ प्राप्त कीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

भाई दूज और रक्षा बंधन का त्योहार दोनों ही भाई बहन के रिश्तों से जुड़ा हुआ त्योहार है। रक्षा बंधन श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है, वहीं भाई दूज कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षा बंधन की शुरुआत इंद्र देव, राजा बली और भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा हुई थी। वहीं भाई दूज की शुरुआत यमराज और उनकी बहन यमुना द्वारा हुई थी। भाई दूज दीपावली के पांच दिनी महोत्सव का अंतिम दिन होता है। रक्षा बंधन को राखी का त्योहार भी कहते हैं और इसे दक्षिण भारत में नारियल पूर्णिमा के नाम से अलग रूप में मनाया जाता है। जबकि भाई दूज के कई प्रांत में अलग अलग नाम है, लेकिन यह त्योहार भाई और बहन से ही जुड़ा हुआ है। कर्नाटक में इसे सौदरा बिदिगे के नाम से जानते हैं तो वहीं बंगाल में भाई दूज को भाई फोटा के नाम से जाना जाता है। महाराष्ट्र में भाऊ बीज कहते हैं तो अधिकतर प्रांतों में भाई दूज। मिथिला में इसे यम द्वितीया के नाम से ही मनाया जाता है। रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। इसके बाद मिठाई खिलाती हैं। भाई दूज में उस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर आरती करती हैं और उनके लिए मनपसंद खाना बनाती हैं। बहनें भगवान से अपने भाई की लंबी उम्र और दीर्घायु की प्रार्थना करती हैं।

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झलमला
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अध्याय 1.12: झलमला (पूरक पठन) - स्वाध्याय [पृष्ठ ५१]

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बालभारती Hindi - Kumarbharati 9 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 1.12 झलमला (पूरक पठन)
स्वाध्याय | Q ३ | पृष्ठ ५१
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