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अंतरजाल की सहायता से विविध राज्यों में मनाएँ जानेवाले ‘भैया दूज’, ‘रक्षाबंधन’ त्योहारों की विधियाँ प्राप्त कीजिए। - Hindi [हिंदी]

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Question

अंतरजाल की सहायता से विविध राज्यों में मनाएँ जानेवाले ‘भैया दूज’, ‘रक्षाबंधन’ त्योहारों की विधियाँ प्राप्त कीजिए।

Answer in Brief

Solution

भाई दूज और रक्षा बंधन का त्योहार दोनों ही भाई बहन के रिश्तों से जुड़ा हुआ त्योहार है। रक्षा बंधन श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है, वहीं भाई दूज कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षा बंधन की शुरुआत इंद्र देव, राजा बली और भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा हुई थी। वहीं भाई दूज की शुरुआत यमराज और उनकी बहन यमुना द्वारा हुई थी। भाई दूज दीपावली के पांच दिनी महोत्सव का अंतिम दिन होता है। रक्षा बंधन को राखी का त्योहार भी कहते हैं और इसे दक्षिण भारत में नारियल पूर्णिमा के नाम से अलग रूप में मनाया जाता है। जबकि भाई दूज के कई प्रांत में अलग अलग नाम है, लेकिन यह त्योहार भाई और बहन से ही जुड़ा हुआ है। कर्नाटक में इसे सौदरा बिदिगे के नाम से जानते हैं तो वहीं बंगाल में भाई दूज को भाई फोटा के नाम से जाना जाता है। महाराष्ट्र में भाऊ बीज कहते हैं तो अधिकतर प्रांतों में भाई दूज। मिथिला में इसे यम द्वितीया के नाम से ही मनाया जाता है। रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। इसके बाद मिठाई खिलाती हैं। भाई दूज में उस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर आरती करती हैं और उनके लिए मनपसंद खाना बनाती हैं। बहनें भगवान से अपने भाई की लंबी उम्र और दीर्घायु की प्रार्थना करती हैं।

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झलमला
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Chapter 1.12: झलमला (पूरक पठन) - स्वाध्याय [Page 51]

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Balbharati Hindi - Kumarbharati 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 1.12 झलमला (पूरक पठन)
स्वाध्याय | Q ३ | Page 51
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