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प्रश्न
अपने विद्यालय में मनाए गए ‘बाल दिवस’ समारोह का वर्णन लिखिए ।
उत्तर
मैं मातृछाया विद्यालय में कक्षा ९वीं का छात्र हूँ। १४ नवंबर को बड़ी धूमधाम से मेरे विद्यालय में 'बाल दिवस’ कार्यक्रम मनाया गया। नेहरू जी को बच्चों से बहुत प्यार था। इसीलिए उनके जन्मदिवस को 'बाल दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक नृत्य, गायन व नाट्य कथाओं का मंचन कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया। हमारे विद्यालय में भी प्रतिवर्ष इसका आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षकों, प्रधानाध्यापक सहित क्षेत्र के वरिष्ठ समाज सेवी राममोहन सिंह मौजूद थे। नगर की महापौर श्रीमती कमला मुंडे समारोह की अध्यक्ष थीं। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना से हुई। वर्ष बाल दिवस के अवसर पर कक्षा 5 तक के छात्र-छात्राओं को इस समारोह के लिए बुलाया गया था। विद्यार्थियों के विभिन्न गटों ने तीन नाटकों की प्रस्तुति की। कुछ विद्यार्थियों के गटों ने सांस्कृतिक नृत्य तो कुछ ने विभिन्न लोकगीतों की भी प्रस्तुति की। रंगारंग प्रस्तुतियों के बाद हमारे विद्यालय के शिक्षकों ने अपने-अपने भाषण प्रस्तुत किए | कक्षा चार के विद्यार्थियों ने एक कविता प्रस्तुत की कविता के बाद कठपुतली का खेल दिखाया गया, जिसे सभी बच्चों ने बहुत पसंद किया। उन्होंने बताया कि स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू बच्चों से बहुत प्रेम करते थे। अत:भारत में उनके जन्मदिन अर्थात १४ नवंबर को 'बाल दिवस' के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही कल के भविष्य निर्माता हैं। नेहरू जी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य बच्चों कों बताए और कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए आयोजकों का ऐसी सफल प्रस्तुति के लिए अभिनंदन किया।राष्ट्रगीत के साथ इस कार्यक्रम का समापन हुआ और उपस्थित सभी विद्यार्थियों में लड्डू बाँटे गए।