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प्रश्न
भारत के किसान आंदोलन का स्वरूप स्पष्ट कीजिए।
टिप्पणी लिखिए
उत्तर
- स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व कृषि विरोधी नीतियों के कारण भारतीय किसान संगठित होकर आंदोलन करते थे।
- महात्मा फुले, न्यायमूर्ति रानडे तथा महात्मा गांधी जैसे नेताओं की प्रेरणा से बारडोली, चंपारण्य जैसे स्थानों पर किसानों का
बड़ा सत्याग्रह हुआ। किसान सभा नामक संगठन की स्थापना हुई। - स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के समय में चकबंदी अधिनियम जैसे कानूनों के कारण किसान आंदोलन की गति मंद पड़ गई। हरितक्रांति से गरीब किसानों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
- कृषि उपज के उचित दाम, कर्जमुक्ति तथा स्वामीनाथन आयोग के सिफारिशों की मांगों को लेकर किसान आंदोलन पुनः जोर
पकड़ने लगे हैं।
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भारत के प्रमुख आंदोलन
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