English

भारत के किसान आंदोलन का स्वरूप स्पष्ट कीजिए। - History and Political Science [इतिहास और राजनीति विज्ञान]

Advertisements
Advertisements

Question

भारत के किसान आंदोलन का स्वरूप स्पष्ट कीजिए।

Short Note

Solution

  1. स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व कृषि विरोधी नीतियों के कारण भारतीय किसान संगठित होकर आंदोलन करते थे।
  2. महात्मा फुले, न्यायमूर्ति रानडे तथा महात्मा गांधी जैसे नेताओं की प्रेरणा से बारडोली, चंपारण्य जैसे स्थानों पर किसानों का
    बड़ा सत्याग्रह हुआ। किसान सभा नामक संगठन की स्थापना हुई।
  3. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के समय में चकबंदी अधिनियम जैसे कानूनों के कारण किसान आंदोलन की गति मंद पड़ गई। हरितक्रांति से गरीब किसानों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
  4. कृषि उपज के उचित दाम, कर्जमुक्ति तथा स्वामीनाथन आयोग के सिफारिशों की मांगों को लेकर किसान आंदोलन पुनः जोर
    पकड़ने लगे हैं।
shaalaa.com
भारत के प्रमुख आंदोलन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2.4: सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन - स्वाध्याय [Page 96]

APPEARS IN

Balbharati History and Political Science (Social Science) [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 2.4 सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन
स्वाध्याय | Q ३. (२) | Page 96

RELATED QUESTIONS

किसान आंदोलन की __________ यह प्रमुख माँग है।


खेती का उत्पादन बढ़ाने और खाद्‌यान्न के मामले में आत्मनिर्भर होने के लिए ______ की गई।


अवधारणाओं को स्‍पष्‍ट कीजिए।

आदिवासी आंदोलन


अवधारणाओं को स्‍पष्‍ट कीजिए।

श्रमिक आंदोलन


पर्यावरण आंदोलन का कार्य स्पष्ट कीजिए।


स्वतंत्रतापूर्व काल में महिला आंदोलन किन सुधारों के लिए संघर्ष कर रहे थे?


निम्न कथन सत्‍य अथवा असत्‍य; यह सकारण स्पष्ट कीजिए।

उपभोक्ता आंदोलन अस्तित्व में आया।


स्वतंत्रतापूर्व के समय में ओडिशा के ______ आदिवासी लोगों ने अंग्रेजों के विरोध में विद्रोह किया।


१९८६ ई. में ______ अस्तित्व में आया।


निम्न संकल्पना-चित्र को पूर्ण कीजिए:


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×