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प्रश्न
बनारस की पूर्णता और रिक्तता को कवि ने किस प्रकार दिखाया है?
उत्तर
कवि बनारस की पूर्णता को उसके उल्लास भरे दिन से दर्शाता है। उसके अनुसार यह शहर हर स्थिति में प्रसन्न रहता है। यहाँ का हर दिन तकलीफों तथा कठिनाइयों के बाद भी उल्लास और आनंद से भरपूर होता है। बनारस की रिक्तता को वह मृत शरीरों के माध्यम से दर्शाता है। उसके अनुसार रोज़ ही यहाँ कितने शव दाह-संस्कार के लिए गंगा घाट की ओर जाते हैं। वे शव कंधों पर सवार होकर अपनी जीवन की अंतिम यात्रा पर निकल रहे होते हैं। यह रिक्तता बनारस का नित्य क्रम है, जो मृत्यु रूपी परम सत्य का अहसास दिलाती है।
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शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
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शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
'अगर ध्यान से देखो ............. और आधा नहीं है'
शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
'अपनी एक टाँग पर ............. बेखबर'
आप बनारस के बारे में क्या जानते हैं? लिखिए।
बनारस के चित्र इकट्ठे कीजिए।
बनारस शहर की विशेषताएँ जानिए।
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए -
जो है वह खड़ा है किसी अलक्षित सूर्य को |
(क) जो है वह खडा है बिना किसी स्तंभ के.......' वह जो बिना सहारे के खड़ी है - (1)
- दार्शनिकता
- आध्यात्मिकता
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(ख) 'अपनी दूसरी टांग से बिल्कुल बेखबर' पंक्ति का आशय है कि - (1)
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