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प्रश्न
बताओ, ये जगहें कब उदास और फीकी लगती हैं और यहाँ कब रौनक होती है?
घर | बाज़ार | स्कूल | खेत |
उत्तर
जगह | कब उदास और फीकी लगती है। | कब यहाँ रौनक होती है। |
घर | जब घर के लोग बाहर गए होते हैं। | जब घर के सभी लोग घर में होते हैं। और आपस में प्यार से बोलते-बतियाते हैं। |
बाज़ार | दोपहर के समय | शाम के समय, त्योहारों के अवसर पर |
स्कूल | जब स्कूल में बच्चों की छुट्टी होती है। | जब तक स्कूल में बच्चे रहते हैं, वहाँ रौनक ही रौनक होती है। |
खेत | जब फसल कट जाती है और खेत परती हो जाते हैं। | जब खेत में फसल लहलहाते हैं। |
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तुम इससे सहमत हो तो भी तर्क दो, नहीं हो तो भी तर्क दो। अपने तर्कों को तुम कक्षा के सामने प्रस्तुत भी कर सकते हो।
‘कोलाज’ उस तस्वीर को कहते हैं जो कई तस्वीरों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर एक कागज़ पर चिपका कर बनाई जाती है।
1. तुम मिलकर पहाड़ों का एक कोलाज बनाओ। इसके लिए पहाड़ों से जुड़ी विभिन्न तस्वीरें इकट्ठा करो- पर्वतारोहण, चट्टान, पहाड़ों के अलग-अलग नज़ारे, चोटी, अलग-अलग किस्म के पहाड़। अब इन्हें एक बड़े से कागज़ पर पहाड़ के आकार में ही चिपकाओ। यदि चाहो तो ये कोलाज तुम अपनी कक्षा की एक दीवार पर भी बना सकते हो।
2. अब इन चित्रों पर आधारित शब्दों का एक कोलाज बनाओ। कोलाज में ऐसे शब्द हों जो इन चित्रों का वर्णन कर पा रहे हों या मन में उठने वाली भावनाओं को बता रहे हों।
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