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'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' में कवि की किस सूक्ष्म कल्पना का आभास मिलता है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' में कवि की किस सूक्ष्म कल्पना का आभास मिलता है?

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उत्तर

'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' से कवि का तात्पर्य नगर के सुख-सुविधा तथा स्वार्थपूर्ण जीवन से है, जिसे पाकर भी लोगों की इच्छाएँ खत्म नहीं होती हैं।

चाँदी के बड़े खंभे के माध्यम से कवि ने मानव प्रवृति का अत्यंत सूक्ष्म वर्णन किया है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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अध्याय 14: चंद्र गहना से लौटती बेर - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १२२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 14 चंद्र गहना से लौटती बेर
प्रश्न अभ्यास | Q 5 | पृष्ठ १२२

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