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काव्य-सौंदर्य लिखिए - पाहुन ज्यों आए हों गाँव में शहर के। मेघ आए बड़े बन-ठन के सवँर के। - Hindi Course - A

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प्रश्न

काव्य-सौंदर्य लिखिए -

पाहुन ज्यों आए हों गाँव में शहर के।

मेघ आए बड़े बन-ठन के सवँर के।

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उत्तर

यहाँ पाहुन (दामाद) के माध्यम से प्रकृति का मानवीकृत रुप प्रस्तुत किया गया है। कविता में चित्रात्मक शैली का प्रयोग किया गया है। कविता में भाषा का सहज तथा सरल रुप प्रस्तुत किया गया है। हीं कहीं पर ग्रामीण शब्दों जैसे- 'पाहुन' का प्रयोग किया गया है।

'बड़े बन-ठन के' में 'ब' वर्ण का प्रयोग बार-बार हुआ है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है। मेघों को पाहुन के रुपक द्वारा प्रस्तुत किया गया है। अत: यहाँ रुपक अलंकार है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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अध्याय 15: मेघ आए - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १२८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 15 मेघ आए
प्रश्न अभ्यास | Q 10 | पृष्ठ १२८

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