हिंदी

चरित्रात्मक निबंध: मेरे आदर्श - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

चरित्रात्मक निबंध: मेरे आदर्श

दीर्घउत्तर

उत्तर

मेरे आदर्श

      मैं एक क्रिकेट खिलाड़ी हूँ और हजारों-लाखों खिलाड़ियों की तरह मेरे भी आदर्श सचिन तेंदुलकर हैं। सचिन का जन्म २४ अप्रैल, १९७३ को मुंबई में हुआ था। उनके पिता ने अपने पसंदीदा संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम पर उनका नाम रखा। सचिन तेंदुलकर ने महज 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया, और तब से उन्होंने बल्लेबाजी में कई कीर्तिमान स्थापित किए। उन्होंने टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक बनाए हैं।सचिन मेरे आदर्श इसलिए हैं, क्योंकि उन्होंने क्रिकेट का भरपूर अभ्यास किया है, उनकी वाणी में मिठास है, और उनके व्यक्तित्व में स्पष्टता झलकती है। प्रसिद्ध होने के बावजूद उनमें अहंकार की झलक भी नहीं मिलती। छोटे कद और घुँघराले बालों वाले सचिन क्रिकेट के धुरंधर खिलाड़ी हैं। वे अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहते हैं। प्रतिद्वंद्वी चाहे जितना भी उकसाएँ, वे अपना धैर्य नहीं खोते, और इसी गुण में उनकी अद्भुत सफलता का रहस्य छिपा है।

      २००३ के विश्वकप में सबसे अधिक रन बनाकर सचिन किसी भी विश्वकप में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले बल्लेबाज बने। उस विश्वकप में उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार भी मिला। अक्टूबर 2012 में उन्होंने ट्वेंटी-ट्वेंटी क्रिकेट से संन्यास लिया और दिसंबर २०१२ में एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। १६ नवंबर, २०१३ को उन्होंने अपना आखिरी मैच खेला। उन्हें कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है।

      सचिन तेंदुलकर क्रिकेट जगत के सबसे प्रसिद्ध और शानदार खिलाड़ी हैं। मेरे जैसे कई प्रशंसक दुनिया भर में उन्हें प्यार से मास्टर ब्लास्टर कहते हैं। उनके अच्छे व्यवहार के कारण वे मेरे जैसे युवाओं के आदर्श बन गए हैं। क्रिकेट में अपनी अद्वितीय बल्लेबाजी के कारण सचिन एक महान बल्लेबाज के रूप में जाने जाते हैं। अपने बेहतरीन खेल से उन्होंने हमेशा हमारे देश को गर्वित किया है। मैं भी नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास करता हूँ और एक दिन सचिन तेंदुलकर की तरह बेहतरीन खिलाड़ी बनकर अपने देश, समाज, और माता-पिता का नाम रोशन करना चाहता हूँ।

shaalaa.com
निबंध लेखन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: रचना विभाग - निबंध लेखन [पृष्ठ ८८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Lokbharati 9 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 4 रचना विभाग
निबंध लेखन | Q (२) ४. | पृष्ठ ८८
बालभारती Hindi - Kumarbharati 9 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 2.14 रचना एवं व्याकरण विभाग
स्वाध्याय | Q (८) | पृष्ठ ११८

संबंधित प्रश्न

‘संदेश वहन के आधुनिक साधनों से लाभ-हानि’ विषय पर अस्सी से सौ शब्‍दों तक निबंध लिखिए।


‘विश्वबंधुता वर्तमान युग की माँग’ विषय पर अस्‍सी से सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।


वैचारिक निबंध: अकाल: एक भीषण समस्या


कल्पनाप्रधान निबंध: यदि श्यामपट बोलने लगा......


कल्पनाप्रधान निबंध: यदि किताबें न होतीं


आत्मकथात्मक निबंध: भूमिपुत्र की आत्मकथा


आत्मकथात्मक निबंध: मैं हूँ भाषा


बढ़ते हुए प्रदुषण (वायु, ध्वनि) का स्वास्थ पर बुरा असर पड़ रहा है, विषय पर अपने विचार लिखिए |


‘संगणक की आत्मकथा’ इस विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।


‘युवापीढ़ी का उत्‍तरदायित्‍व’ विषय पर लगभग सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।


निम्नलिखित एक विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:

पुस्तक की आत्मकथा


निम्नलिखित विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:

मेरा भारत देश


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 150 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए।

मेरे बगीचे में खिला गुलाब


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 150 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए।

विद्यालय में मेरा प्रिय कोना


निम्नलिखित विषय पर 60 - 70 शब्दों में निबंध लिखिए:

मेरा प्रिय नेता


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’


निबंध लेखन -

मेरा प्रिय खिलाड़ी


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

जैसे ही मैंने अलमारी खोली


नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

आज़ादी का अमृत महोत्सव: स्वर्णिम 75 साल


निबंध लिखिए -

श्रष्टाचार


निबंध लिखिए -

आतंकवाद


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

"अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत"


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

ऑनलाइन या ई-लर्निंग और विद्यार्थी


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

मेरा प्रिय खेल



‘करत-करत अभ्‍यास के जड़मति होत सुजान’ इस विषय पर भाषाई सौंदर्यवाले वाक्‍यों, सुवचन, दोहे आदि का उपयोग करके निबंध/कहानी लिखिए ।


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

वनों का महत्व


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×