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दिन-प्रतिदिन के जीवन में हर कोई बच्चों को काम पर जाते देख रहा/रही है, फिर भी किसी को कुछ अटपटा नहीं लगता। इस उदासीनता के क्या कारण हो सकते हैं? - Hindi Course - A

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प्रश्न

दिन-प्रतिदिन के जीवन में हर कोई बच्चों को काम पर जाते देख रहा/रही है, फिर भी किसी को कुछ अटपटा नहीं लगता। इस उदासीनता के क्या कारण हो सकते हैं?

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

आज का मनुष्य इतना आत्मकेन्द्रित हो चुका है कि उसके पड़ोस की घटना की खबर भी उसे कभी-कभी ही लगती है। मनुष्य अपनी परेशानियों को सुलझाने में इतना व्यस्त है कि किसी और कि परेशानी की तरफ़ देखने तक की फुर्सत नहीं है। लोगों को कम कीमत में अच्छे श्रमिक मिल जाते हैं। इसलिए इसके विरुद्ध कदम उठाकर वे स्वयं को इस सुख से वंचित नहीं करना चाहते हैं।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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अध्याय 17: बच्चे काम पर जा रहे हैं - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १३९]

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं
प्रश्न अभ्यास | Q 4 | पृष्ठ १३९

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