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दिव्यांग कविता में आए, भाव एवं विचारों को प्रश्नोत्तर एवं चर्चा के माध्यम से स्पष्ट करें। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

दिव्यांग कविता में आए, भाव एवं विचारों को प्रश्नोत्तर एवं चर्चा के माध्यम से स्पष्ट करें।

कृति

उत्तर

प्रश्न: कविता में किस प्रकार की आँखों की बात की गई है?
उत्तर: कविता में उन आँखों की बात की गई है जो कभी उजाला नहीं देखतीं, अर्थात् जो व्यक्ति जन्म से अंधे (दृष्टिहीन) हैं।
प्रश्न: कवि ने क्या प्रश्न उठाए हैं?
उत्तर: कवि पूछते हैं कि जो आँखें कभी उजाला नहीं देखतीं, वो भवन, झोपड़ी, सड़क, पेड़, बादल, आग आदि को कैसे पहचानती होंगी? वो भूकंप, बाढ़ या किसी भी आपदा की कल्पना कैसे करती होंगी?
प्रश्न: ऐसी आँखें कैसे समझ पाती हैं दुनिया को?
उत्तर: कवि कहते हैं कि ये आँखें ध्वनि, स्पर्श, गंध और संवेदनाओं के माध्यम से एक अद्भुत कल्पना और समझ विकसित कर लेती हैं।
वे आवाज़ को पहचानकर घटनाओं का अनुमान लगा लेती हैं।
प्रश्न: कविता का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: कविता का संदेश है कि दृष्टिहीन लोग भी अपनी संवेदनाओं और अनुभवों के आधार पर दुनिया को महसूस करते हैं,
और कई बार वे देखने वालों से भी ज्यादा गहराई से समझते हैं।
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अध्याय 1.3: दिव्यांग - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ९]

APPEARS IN

बालभारती Integrated 7 Standard Part 4 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.3 दिव्यांग
पाठ्य प्रश्न | Q १. | पृष्ठ ९
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