हिंदी

दिव्यांग कविता के प्रकार की कोई कविता लिखिए। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

दिव्यांग कविता के प्रकार की कोई कविता लिखिए। 

कृति

उत्तर

मैं भी उड़ना चाहता हूँ

मैं भी उड़ना चाहता हूँ,
आसमान को छूना चाहता हूँ।
चाहे न हों मेरे पाँव सही,
पर सपनों में तो दौड़ना चाहता हूँ।

न आँखों ने देखे रंग कभी,
न हाथों से पकड़ी कलम सही,
पर मन में जो जोश है पल-पल,
उसे तो अब व्यक्त करना चाहता हूँ।

मत देखो मुझे दया की नज़र से,
मैं कमज़ोर नहीं, बस थोड़ा अलग हूँ।
जिसे तुम बोझ समझ बैठे हो,
मैं उसी को अवसर बना चाहता हूँ।

हौंसले मेरे भी बुलंद हैं,
हर मंज़िल मेरी नज़र में है।
जो देख न सकूँ तो क्या हुआ,
मेरे अंदर भी एक नज़र है।

shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.3: दिव्यांग - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ९]

APPEARS IN

बालभारती Integrated 7 Standard Part 4 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.3 दिव्यांग
पाठ्य प्रश्न | Q २. | पृष्ठ ९
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×