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DNA के दो रज्जुक समान नहीं होते, अपितु एक-दूसरे के पूरक होते हैं। समझाइए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

DNA के दो रज्जुक समान नहीं होते, अपितु एक-दूसरे के पूरक होते हैं। समझाइए।

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उत्तर

DNA अणु में दो रज्जुक (तंतु) एक-दूसरे से एक रज्जुक के प्यूरीन क्षार तथा दूसरे के पिरिमिडीन क्षार के बीच हाइड्रोजन बंध द्वारा बँधे रहते हैं । क्षारों के विभिन्न आकार तथा ज्यामिति के कारण, DNA में संभावित युग्मन है- ग्वानीन (G) तथा साइटोसीन (C) तीन हाइड्रोजन बंध द्वारा अर्थात् (C = G) तथा एडेनीन A तथा थायमीन T दो हाइड्रोजन बंधों द्वारा अर्थात् (A = T)। इस क्षार युग्मन सिद्धांतानुसार एक रज्जुक में क्षारों का क्रम स्वतः दूसरे रज्जुक में क्षारों के क्रम को स्थिर करता है। अतः दो रज्जुक एक-दूसरे के पूरक तथा असमान होते हैं।

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न्यूक्लीक अम्ल
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अध्याय 14: जैव-अणु - अभ्यास [पृष्ठ ४४८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 14 जैव-अणु
अभ्यास | Q 14.23 | पृष्ठ ४४८
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