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प्रश्न
एक [M(AA)2X2]n+ प्रकार का संकुल ध्रुवण घूर्णक है। यह संकुल की संरचना के विषय में क्या इंगित करता है? ऐसे संकुल का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर
[M(AA)2X2]n+ प्रकार का ध्रुवण घूर्णक संकुल समपक्ष-अष्टफलकीय संरचना इंगित करता है।
उदारणार्थ, समपक्ष- [Pt(en)2Cl2]2+ अथवा समपक्ष- [Cr(en)2Cl2]+
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उभयदंती लिगंड के कारण उपसहसंयोजन यौगिक समावयवता दर्शाते हैं। पैलेडियम के [Pd(C6H5)2(SCN)2] और [Pd(C6H5)2(NCS)2] संकुल हैं ______।
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निम्नलिखित में से कौन-से संकुल बंधनी समावयवता प्रदर्शित करते हैं?
(i) [Co(NH3)5(NO2)]2+
(ii) [Co(H2O)5CO]3+
(iii) [Cr(NH3)5SCN]2+
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समान ज्यामिती वाले यौगिकों का चुंबकीय आघूर्ण भिन्न क्यों होता है?
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कॉलम I में दी गई संकुल स्पीशीज़ और कॉलम II में दिए गए समावयवता के प्रकारों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
कॉलम I (संकुल स्पीशीज़) | कॉलम II (समावयवता) |
(A) [Co(NH3)4Cl2]+ | (1) ध्रुवण |
(B) समपक्ष–[Co(en)2Cl2]+ | (2) आयनन |
(C) [Co(NH3)5(NO2)]Cl2 | (3) उपसहसंयोजन |
(D) [Co(NH3)6][Cr(CN)6] | (4) ज्यामितीय |
(5) बंधनी |
अभिकथन: MX6 और MX5L प्रकार के संकुल (X और L एकदंती हैं) ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित नहीं करते।
तर्क - उपसहसंयोजन संख्या 6 वाले संकुल ज्यामितीय समावयवता नहीं दशाते।
CoSO4Cl.5NH3 के दो समावयवी (A) और (B) होते हैं। समावयवी (A), AgNO3 से अभिक्रिया कर श्वेत अवक्षेप देता हैं परंतु BaCl2 से अभिक्रिया नहीं करता। समावयवी (B), BaCl2 से अभिक्रिया कर श्वेत अवक्षेप देता है, परंतु AgNO3 से अभिक्रिया नहीं करता। निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
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- सम्मिलित समावयवता का प्रकार लिखिए।
- A और B के IUPAC नाम लिखिए।