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समान ज्यामिती वाले यौगिकों का चुंबकीय आघूर्ण भिन्न क्यों होता है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

समान ज्यामिती वाले यौगिकों का चुंबकीय आघूर्ण भिन्न क्यों होता है?

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उत्तर

संकुलों में यह दुर्बल और प्रबल लिगंडों की उपस्थिति के कारण होता है, जिसके फलस्वरूप इनकी CFSE भिन्न होती है। यदि CFSE उच्च है तो संकुल चुंबकीय आघूर्ण का निम्न मान दर्शाता है तथा इसके विपरीत भी। उदाहरणार्थ [CoF6]3− और [Co(NH3)6]3+, पहले वाला अनुचुंबकीय होता है और बाद वाला प्रतिचुंबकीय होता है।

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उपसहसंयोजन यौगिकों में समावयवता
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अध्याय 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [पृष्ठ १३३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q III. 33. | पृष्ठ १३३

संबंधित प्रश्न

उपसहसंयोजन यौगिकों के लिए संभावित विभिन्न प्रकार की समावयवताओं को सूचीबद्ध कीजिए तथा प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।


यौगिक [Co(SO4)(NH3)5]Br और [Co(SO4)(NH3)5]Cl ______ प्रदर्शित करते हैं।


[Cr(H2O)6]Cl3 (बैंगनी) और [Cr(H2O)5Cl]Cl2⋅H2O (सलेटी-हरा) के बीच कौन-से प्रकार की समावयवता पाई जाती है?


निम्नलिखित में से ध्रुवण घूर्णक यौगिकों को पहचानिए।

(i) [Co(en)3]3+

(ii) विपक्ष - [Co(en)2Cl2]+

(iii) समपक्ष - [Co(en)2Cl2]+

(iv) [Cr(NH3)5Cl]


एक [M(AA)2X2]n+ प्रकार का संकुल ध्रुवण घूर्णक है। यह संकुल की संरचना के विषय में क्या इंगित करता है? ऐसे संकुल का एक उदाहरण दीजिए।


जब उभयदंती लिगंड केंद्रीय धातु आयन से जुड़े होते हैं तो कौन-सी समावयवता संभव है? उभयदंती लिगंडों के दो उदाहरण दीजिए।


कॉलम I में दी गई संकुल स्पीशीज़ और कॉलम II में दिए गए समावयवता के प्रकारों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (संकुल स्पीशीज़) कॉलम II (समावयवता)
(A) [Co(NH3)4Cl2]+ (1) ध्रुवण
(B) समपक्ष–[Co(en)2Cl2]+ (2) आयनन
(C) [Co(NH3)5(NO2)]Cl2 (3) उपसहसंयोजन
(D) [Co(NH3)6][Cr(CN)6] (4) ज्यामितीय
  (5) बंधनी

अभिकथन: उभयदंती लिगंडों वाले उपसहसंयोजन यौगिकों में बंधनी समावयवता होती है।

तर्क: उभयदंती लिगंडों में दो भिन्न दाता परमाणु होते हैं।


अभिकथन: ​MX6 और MX5L प्रकार के संकुल (X और L एकदंती हैं) ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित नहीं करते।

तर्क - उपसहसंयोजन संख्या 6 वाले संकुल ज्यामितीय समावयवता नहीं दशाते।


CoSO4Cl.5NH3 के दो समावयवी (A) और (B) होते हैं। समावयवी (A), AgNO3 से अभिक्रिया कर श्वेत अवक्षेप देता हैं परंतु BaCl2 से अभिक्रिया नहीं करता। समावयवी (B), BaCl2 से अभिक्रिया कर श्वेत अवक्षेप देता है, परंतु AgNO3 से अभिक्रिया नहीं करता। निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. A और B को पहचानिए और उनके संरचना सूत्र लिखिए।
  2. सम्मिलित समावयवता का प्रकार लिखिए।
  3. A और B के IUPAC नाम लिखिए।

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