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EZnZnEZn2+/Zn⊖ = - 0.76 V व्यंजक में ऋणात्मक मान से क्या तात्पर्य है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

`"E"_("Zn"^(2+)//"Zn")^⊖` = - 0.76 V व्यंजक में ऋणात्मक मान से क्या तात्पर्य है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

`"E"_("Zn"^(2+)//"Zn")^⊖` = - 0.76 V

ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है कि जिंक की अपचायक शक्ति हाइड्रोजन की अपेक्षा अधिक होती है।

\[\ce{Zn + H2SO4 -> ZnSO4 + H2}\]

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गैल्वैनी सेल
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: विद्युत् रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ४०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 3 विद्युत् रसायन
अभ्यास | Q III. 31. | पृष्ठ ४०

संबंधित प्रश्न

उस गैल्वैनी सेल को दर्शाइए जिसमें निम्नलिखित अभिक्रिया होती है –

\[\ce{Zn(s) + 2Ag+(aq) → Zn^{2+}(aq) + 2Ag(s)}\], अब बताइए –

  1. कौन-सा इलैक्ट्रोड ऋणात्मक आवेशित है?
  2. सेल में विद्युत-धारा के वाहक कौन-से हैं?
  3. प्रत्येक इलैक्ट्रोड पर होने वाली अभिक्रिया क्या है?

जब सेल में कोई धारा प्रवाहित न हो रही हो तो इलेक्ट्रोडों के विभवों में अन्तर को ______ कहते हैं।


नीचे दिए गए आँकड़ों का उपयोग करते हुए प्रबलतम अपचायक को ज्ञात कीजिए।

`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V  `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V   `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V


नीचे दिए गए आँकडों के आधार पर निम्नलिखित में से प्रबलतम ऑक्सीकरण कर्मक को ज्ञात कीजिए।

`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V  `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V   `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V


नीचे दिए गए आँकड़ों के आधार पर सर्वाधिक स्थायी ऑक्सीकृत स्पीशीज़ ज्ञात कीजिए।

`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V


Cu2+/Cu मानक इलेक्ट्रोड विभव का धनात्मक मान दर्शाता है कि ______।

  1. यह अपोउपचायक युग्म, H+/H2 युग्म की तुलना में प्रबल अपचायक है।
  2. यह अपोउपचायक युग्म, H+/H2 युग्म की तुलना में प्रबल ऑक्सीकारक है।
  3. Cu अम्ल से H2 को विस्थापित कर सकता है।
  4. Cu अम्ल से H2 को विस्थापित नहीं कर सकता है।

उस गैल्वेनी सेल को चित्रित कीजिए जिसकी सेल अभिक्रिया \[\ce{Cu + 2Ag+ ⟶ 2Ag + Cu2+}\] है।


Cl- आयनों के लिए मानक इलेक्टोड विभव जल से अधिक धनात्मक है फिर भी जलीय सोडियम क्लोराइड विलयन के विद्युत अपघटन में जल की बजाए ऐनोड पर Cl आयन क्यों आक्सीकृत होता है?


एक गैल्वेनी सेल का विद्युत् विभव 1.1V है। यदि इस सेल पर 1.1V का विपरीत विभव लगाया जाए तो सेल की सेल अभिक्रिया और सेल से प्रवाहित हो रहे विद्युत् प्रवाह पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


चित्र पर विचार कीजिए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. इलेक्ट्रॉन प्रवाह की दिशा दर्शाने के लिए चित्र को पुन: बनाइए।
  2. सिल्वर प्लेट ऐनोड है अथवा कैथोड?
  3. क्या होगा यदि लवण सेतु को हटा दीया जाए?
  4. सेल कार्य करना कब समाप्त कर देगा?
  5. कार्यरत सेल में Zn2+ तथा Ag+ आयनों की सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होगी?
  6. सेल समाप्त हो जाने के पश्चात Zn2+ आयनों तथा Ag+ आयनों की सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होती है?

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