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प्रश्न
FeO(s) इस स्टॉइकियोमीट्री संघटन में क्यों नहीं मिलता?
उत्तर
FeO के क्रिस्टल में कुछ Fe2+ आयन Fe3+ आयन द्वारा प्रतिस्थापित हो जाते हैं। धनावेश की हानि की पूर्ति के लिए तीन Fe2+ आयन दो Fe3+ आयनों से प्रतिस्थापित हो जाते हैं। फलस्वरूप, स्टॉइकियोमीट्री अनुपात की तुलना में धातु की मात्रा कम होगी।
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कॉलम I | कॉलम II |
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(ii) सामान्य अन्तराकाशी दोष | (b) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस के घनत्व में कमी आती है। |
(iii) फ्रेंकेल दोष |
(c) आयन रहित ठोसों द्वारा द्शाया जाता है और ठोस का घनत्व कम हो जाता है। |
(iv) शॉट्की दोष |
(d) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस का घनत्व समान बना रहता है। |