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प्रश्न
‘गाँव का विकास, देश का विकास’ इस विषय पर संवाद सुनो और सुनाओ।
उत्तर
(गुरु जी कक्षा में प्रवेश करते हैं। सभी बच्चे खड़े होकर उनका अभिवादन करते हैं। गुरु जी सभी को बैठने के लिए कहते हैं।)
गुरु जी: | बच्चो ! आज हम देश के विकास पर चर्चा करेंगे। मेरे प्रश्नों को सभी ध्यान से सुनना और तुम्हें जो लगता है वह उत्तर देना। (उत्सुकतावश सभी बच्चे एक साथ कहते हैं - हाँ गुरु जी।) |
गुरु जी: | बच्चो ! यह बताओ कि देश के संपूर्ण विकास के लिए गाँव का विकास आवश्यक होता है, कैसे? |
उमेश: | गुरु जी ! एक देश में कई गाँव होते हैं, इसलिए गाँव का विकास होने पर देश का विकास अपने आप हो जाएगा। |
गुरु जी: |
बहुत अच्छे, उमेश। भारत देश गाँवों का देश कहा जाता है, क्योंकि यहाँ गाँवों की संख्या सबसे ज्यादा है। अब मुझे कोई बताओ कि गाँव का विकास कैसे होगा या हो सकता है? (गुरु जी बच्चों की ओर देख रहे हैं। सभी बच्चे सोच-विचार कर रहे हैं। तभी तीरथ खड़ा होकर कहता है।) |
गणेश: | गुरु जी ! गाँव का विकास करने के लिए मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति करनी होगी। |
मोनू: | पानी, बिजली, सड़क, यातायात के आधुनिक साधन के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक विकसित तकनीक भी अपनानी होगी। तभी गाँव का विकास होगा न गुरु जी ! |
गुरु जी: | बहुत अच्छी बात बताई तुम दोनों ने, शाबाश ! (गुरु जी बात आगे बढ़ाते हुए कहते हैं।) देश के विकास में गाँवों की भूमिका के साथ-साथ देश का प्रत्येक नागरिक अपना योगदान दे सकता है। |
अभय: | क्या मैं भी देश के विकास में अपना योगदान दे सकता हूँ? |
गुरु जी: | हाँ अभय, तुम भी और कक्षा के सभी बच्चे देश के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं। तुम सब पढ़ लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, नेता तथा कलाकार बन सकते हो और अपने-अपने पिछड़े गाँवों में अपना ज्ञान बाँटकर उसका विकास कर सकते हो। |
गुरु जी: | तो बच्चो ! गाँव का विकास करने के लिए आधुनिक से आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए रोटी, कपड़ा, मकान, पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन जैसी सुविधाओं को और बेहतर बनाना होगा, समझे ! |
(शिक्षक घोषवाक्य बोलते हैं – 'गाँव का विकास, देश का विकास' सभी बच्चे घोषवाक्य दोहराते हैं।)
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