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गाँव की समृद्धि में ही शहर की खुशहाली समाहित है। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

गाँव की समृद्धि में ही शहर की खुशहाली समाहित है।

लघु उत्तरीय

उत्तर

गाँव और शहर एक-दूसरे पर निर्भर हैं। यदि गाँव समृद्ध होगा, तो शहर भी खुशहाल रहेगा। गाँव कृषि उत्पादन, श्रमशक्ति और प्राकृतिक संसाधनों का केंद्र होता है, जबकि शहर उद्योग, व्यापार और तकनीकी विकास का। गाँव की समृद्धि से शहर की खुशहाली कैसे जुड़ी है:

  • गाँव अनाज, सब्जियाँ, दूध और अन्य कृषि उत्पाद शहरों को उपलब्ध कराते हैं। यदि गाँव में अच्छी फसल होगी, तो शहर में खाद्य वस्तुएँ सस्ती और पर्याप्त मात्रा में मिलेंगी।
  • गाँव में कुटीर उद्योग और हस्तशिल्प का विकास होगा, तो शहरों में व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • यदि गाँवों में अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ और रोजगार मिलें, तो पलायन रुकेगा और शहरों में भीड़ और संसाधनों पर दबाव कम होगा।
  • स्वच्छ और हरित गाँव पर्यावरण संरक्षण में मदद करेंगे, जिससे शहरों में भी स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवन संभव होगा।

गाँव और शहर एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि गाँव आत्मनिर्भर और समृद्ध होंगे, तो शहरों का विकास भी तेज़ी से होगा और देश की अर्थव्यवस्था मज़बूत बनेगी।

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अध्याय 3.4: देहात और शहर - अंतःपाठ प्रश्न [पृष्ठ ७५]

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बालभारती Integrated 7 Standard Part 1 [Marathi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 3.4 देहात और शहर
अंतःपाठ प्रश्न | Q १६. | पृष्ठ ७५
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