Advertisements
Advertisements
प्रश्न
उत्तर
जीवन व विकास में गति लाने के लिए यातायात के साधनों का होना अति आवश्यक है, विशेषकर सार्वजनिक यातायात साधनों की। यदि गाँवों में सार्वजनिक साधन नहीं होंगे, तो किसान फसलों का आयात-निर्यात नहीं कर पाएँगे। एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए गाँव में आज भी अधिकांशत: सार्वजनिक यातायात साधनों का उपयोग किया जाता है। उनकी अनुपस्थिति से जनजीवन की गति व विकास ठप्प पड़ जाएगा। शहरों व महानगरों में व्यापार व कारोबार अधिक होता है लेकिन सार्वजनिक यातायात के साधनों के नहीं रहने पर पूरा कामकाज ठप्प पड़ जाएगा। उच्च वर्ग तो किसी तरह अपने निजी साधनों से यातायात संबंधी जरूरतें पूरी कर लेगा, लेकिन निम्न व मजदूर वर्ग पूरी तरह परेशान हो जाएगा। यदि गाँव, शहर व महानगर में सार्वजनिक यातायात के साधन नहीं होते, तो लोगों के साथ ही देश भी आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक दृष्टि से पिछड़ जाता।
संबंधित प्रश्न
‘विकास की ओर बढ़ता हुआ भारत देश’ से संबंधित महत्त्वपूर्ण कार्यों की सूची बनाओ।
बीरबल की बौद्धिक चतुराई की कहानी के मुद्दों का फोल्डर बनाकर कहानी प्रस्तुत करो।
मैंने समझा मेरे रजा साहब पाठ से
‘नफरत से नफरत बढ़ती है और स्नेह से स्नेह बढ़ता है’, इस तथ्य से संबंधित अपने विचार लिखो।
अपने विद्यालय में आयोजित ‘स्वच्छता अभियान’ का वृत्तांत लिखो। वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख आवश्यक है।
मैंने समझा मेरा विद्रोह पाठ से
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर एक कहानी लिखो: पानी, पुस्तक, बिल्ली, राखी।
निम्नलिखित शब्द की सहायता से नए शब्द बनाओ:
अकबर के नौ रत्नों के बारे में बताओ।
चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ। अंतिम चित्र में दोनों ने एक-दूसरे से क्या कहा होगा? लिखो:
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:
____________
अपने नाना जी/दादा जी को अपने मन की बात लिखकर भेजो।
बस/रेल स्थानक की सूचनाऍं ध्यानपूर्वक सुनकर सुनाओ।
।। जीवदया ही भूतदया है ।।
अपने साथ घटित कोई मजेदार घटना बताओ।
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
समाज में बढती आर्थिक असमानताएँ
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:
एक हंस और एक कौए में मित्रता - हंस का कौए के साथ उड़ते जाना - कौए का दधिपात्र लेकर जाने वाले ग्वाले को देखना - ललचाना - कौए का दही खाने का आग्रह - हंस का इनकार - कौए का घसीटकर ले जाना - कौए का चोंच नचा - नचाकर दही खाना - हंस का बिलकुल न खाना - आहट पाकर कौए का उड़ जाना - हंस का पकड़ा जाना - परिणाम - शीर्षक।
निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:
'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।