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ग्रामीणों की आवाज को सामने लाने में 73वाँ संविधान-संशोधन अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। चर्चा कीजिए। - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

ग्रामीणों की आवाज को सामने लाने में 73वाँ संविधान-संशोधन अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। चर्चा कीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

73वाँ संशोधन ग्रामीण लोगों की आवाज बुलंद करने हेतु एक मिसाल की तरह है। इसका कारण यह है कि यह संशोधन राज्य के नीति निर्देशक तत्वों तथा पंचायती राज से संबंधित है। यह संशोधन जनता की शक्ति के सिद्धांतों पर आधारित है तथा पंचायतों को संवैधानिक संरक्षण प्रदान करता है।

अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ।

  • पंचायतों का स्वायत्तशासी सरकार के रूप में मान्यता।
  • आर्थिक विकास तथा सामाजिक न्याय हेतु कार्यक्रम तैयार करने हेतु पंचायतों को शक्तियाँ।
  • पंचायतों की एक मजबूत त्रिस्तरीय-ग्राम, प्रखंड तथा जिला स्तर पर व्यवस्था। यह व्यवस्था उन सभी राज्यों में होगी, जहाँ की आबादी 20 लाख से अधिक है।
  • यह अधिनियम दिए गए क्षेत्र के कमजोर वर्गों के लिए पंचायतों में हिस्सेदारी, पंचायतों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, वित्तीय व्यवस्था तथा चुनाव इत्यादि के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित करता है।

अधिनियम का महत्त्व

  • जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की लाने में यह एक क्रांतिकारी कदम था।
  • 73 वें संशोधन अधिनियम के दिशा-निर्देशों क आलोक में सभी राज्यों ने अपने यहाँ कानून बनाए।
  • इस अधिनियम के कारण पंचायती राज्य का विचार जमीनी स्तर पर यथार्थ रूप में सामने आया।
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भारतीय संविधान
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अध्याय 3: भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ - प्रश्नावली [पृष्ठ ५६]

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एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 12
अध्याय 3 भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ
प्रश्नावली | Q 5. | पृष्ठ ५६
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