Advertisements
Advertisements
प्रश्न
हेप्टेन एवं ऑक्टेन एक आदर्श विलयन बनाते हैं। 373 K पर दोनों द्रव घटकों के वाष्प दाब क्रमशः 105.2 kPa तथा 46.8 kPa हैं। 26.0 g हेप्टेन एवं 35.0 g ऑक्टेन के मिश्रण का वाष्प दाब क्या होगा?
उत्तर
हेप्टेन का वाष्प दाब (`"p"_1^0`) = 105.2 kPa
ऑक्टेन का वाष्प दाब (`"p"_2^0`) = 46.8 kPa
हम जानते हैं
हेप्टेन का मोलर द्रव्यमान (C7H16) = 7 × 12 + 16 × 1
= 100 g mol−1
∴ हेप्टेन के मोलों की संख्या = `26/100` mol
= 0.26 mol
ऑक्टेन का मोलर द्रव्यमान (C8H18) = 8 × 12 + 18 × 1
= 114 g mol−1
∴ ऑक्टेन के मोलों की संख्या = `35/114` mol
= 0.31 mol
हेप्टेन का मोल-अंश, x1 = `0.26/(0.26 + 0.31)`
= 0.456
और, ऑक्टेन का मोल-अंश, x2 = 1 − 0.456
= 0.544
अब, हेप्टेन का आंशिक दाब, p1 = `"x"_1"p"_1^0`
= 0.456 × 105.2
= 47.97 kPa
ऑक्टेन का आंशिक दाब, p2 = `"x"_2"p"_2^0`
= 0.544 × 46.8
= 25.46 kPa
इसलिए, विलयन का वाष्प दाब, `"p"_"कुल"` = p1 + p2
= 47.97 + 25.46
= 73.43 kPa
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ऐल्कोहॉल एवं जल के एक विलयन में आण्विक अन्योन्यक्रिया की क्या भूमिका है?
राउल्ट के नियम से धनात्मक एवं ऋणात्मक विचलन का क्या अर्थ है तथा `Delta_"मिश्रण""H"` के चिह्न का इन विचलनों से कैसे संबंधित है?
निम्नलिखित युग्म में उपस्थित सबसे महत्त्वपूर्ण अंतरआण्विक आकर्षण बल का सुझाव दीजिए।
n-हेक्सेन व n-ऑक्टेन
निम्नलिखित युग्म में उपस्थित सबसे महत्त्वपूर्ण अंतरआण्विक आकर्षण बल का सुझाव दीजिए।
I2 तथा CCl4
निम्नलिखित युग्म में उपस्थित सबसे महत्त्वपूर्ण अंतरआण्विक आकर्षण बल का सुझाव दीजिए।
मेथेनॉल तथा ऐसीटोन
निम्नलिखित युग्म में उपस्थित सबसे महत्त्वपूर्ण अंतरआण्विक आकर्षण बल का सुझाव दीजिए।
ऐसीटोनाइट्राइल (CH3CN) तथा ऐसीटोन (C3H6O)
बेन्जीन के दो अणुओं के मध्य अंतराआणिकक बल लगभग उतने ही प्रबल हैं जितने दो टॉलूईन अणुओं के मध्य। बेन्ज्ञीन और टॉलूईन के मिश्रण के लिए निम्नलिखित में से क्या सही नहीं है?
- `Delta_"मिश्रण"`H = शून्य
- `Delta_"मिश्रण"`V = शून्य
- यह न्यूनतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी बनाएँगे।
- यह आदर्श विलयन नहीं बनाएँगे।
सांद्रता पद जैसे कि द्रव्यमान प्रतिशत, पीपीएम, मोल-अंश और मोललता, ताप पर निर्भर नहीं करते जबकि मोलरता ताप का फलन होती है। समझाइए।
कमरे के ताप पर रखी सोडा जल की बोतल खोलने पर सी-सी की आवाज (फिज़) क्यों आती है?
अभिकथन - द्रव अवस्था वाले विलयन की मोलरता ताप में परिवर्तन से परिवर्तित हो जाती है।
तर्क - ताप में परिवर्तन से विलयन का आयतन परिवर्तित होता है।