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इन साप्ताहिक बाज़ारों में दुकानदार कौन-कौन होते हैं? बड़े व्यापारी इन बाज़ारों में क्यों नहीं दिखते? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

इन साप्ताहिक बाज़ारों में दुकानदार कौन-कौन होते हैं? बड़े व्यापारी इन बाज़ारों में क्यों नहीं दिखते?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

साप्ताहिक बाज़ारों में प्रतिदिन खुलनेवाली पक्की दुकानें नहीं होती हैं। दुकानदार दिन में दुकान लगाते हैं और शाम होने पर उन्हें समेत लेते हैं। अगले दिन वे अपनी दुकानों किसी और जगह पर लगाते हैं। बड़े व्यापारी को अपने स्थायी दुकानों से ही फुएस्ट नहीं मिलती, इसलिए वे साप्ताहिक बाज़ारों में नहीं दिखते।

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साप्ताहिक बाज़ार
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अध्याय 7: हमारे आस-पास के बाज़ार - अभ्यास [पृष्ठ ८४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science - Social and Political Life 2 [Hindi] Class 7
अध्याय 7 हमारे आस-पास के बाज़ार
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ ८४
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