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इस कहानी को पढ़कर आपके मन में पहाड़ों पर स्त्री की स्थिति की क्या छवि बनती है? उस पर अपने विचार व्यक्त कीजिए। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

इस कहानी को पढ़कर आपके मन में पहाड़ों पर स्त्री की स्थिति की क्या छवि बनती है? उस पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

इस कहानी को पढ़कर मेरे मन में पहाड़ों की स्त्रियों के लिए दयनीय छवि बनती है। यहाँ की स्त्री मेहनती तथा ईमानदार है। वे अपनी मेहनत से पहाड़ों का रुख मोड़ने की भी हिम्मत रखती हैं। लेकिन पुरुष के हाथों हार जाती है। शैला भूप सिंह के साथ मिलकर असंभव को संभव बना देती है। अंत में अपने पति के धोखे से हार जाती है। वह सबकुछ करने में सक्षम है लेकिन पुरुष से उसे इसके बदले धोखा ही मिलता है। ऐसा जीवन किस काम का जिसमें उसके व्यक्तित्व का उदय होने के स्थान पर नरकीय जीवन मिले। मानसिक और शारीरिक कष्ट मिले। वह अपने पति से ईमानदारी की आशा नहीं रख सकती है। जब मजबूर हो जाती है, तो आत्महत्या कर लेती है।
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आरोहण
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अध्याय 2: आरोहण - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ३१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antaraal Class 12
अध्याय 2 आरोहण
प्रश्न-अभ्यास | Q 9. | पृष्ठ ३१

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