Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पहाड़ों की चढ़ाई में भूप दादा का कोई जवाब नहीं! उनके चरित्र की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर
उनके चरित्र की विशेषताएँ इस प्रकार हैं।-
- वह एक मेनहती व्यक्ति है। पहाड़ों पर रहते हुए उन्होंने कभी बाहर काम करने की नहीं सोची। उन्होंने अपने निवास-स्थान पर ही मेहनत की। इसका परिणाम है कि उन्होंने भूकंप में सब समाप्त होने के बाद भी फिर खड़ा कर दिया।
- वह दृढ़ निश्चय के मालिक है। उन्होंने सरल जिंदगी के स्थान पर मुश्किल जिंदगी जी और उससे कभी हार नहीं मानी।
- वह एक स्वाभिमानी व्यक्ति है। अपने मुश्किल दिनों में उन्होंने किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया बल्कि कठिन परिश्रम किया।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
यूँ तो प्रायः लोग घर छोड़कर कहीं न कहीं जाते हैं, परदेश जाते हैं किंतु घर लौटते समय रूप सिंह को एक अजीब किस्म की लाज, अपनत्व और झिझक क्यों घेरने लगी?
पत्थर की जाति से लेखक का क्या आशय है? उसके विभिन्न प्रकारों के बारे में लिखिए।
महीप अपने विषय में बात पूछे जाने पर उसे टाल क्यों देता था?
बूढ़े तिरलोक सिंह को पहाड़ पर चढ़ना जैसी नौकरी की बात सुनकर अजीब क्यों लगा?
रूप सिंह पहाड़ पर चढ़ना सीखने के बावजूद भूप सिंह के सामने बौना क्यों पड़ गया था?
शैला और भूप ने मिलकर किस तरह पहाड़ पर अपनी मेहनत से नयी ज़िंदगी की कहानी लिखी?
इस कहानी को पढ़कर आपके मन में पहाड़ों पर स्त्री की स्थिति की क्या छवि बनती है? उस पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
'पहाड़ों में जीवन अत्यंत कठिन होता है।' पाठ के आधार पर उक्त विषय पर एक निबंध लिखिए।
पर्वतारोहण की प्रासंगिता पर प्रकाश डालिए।
पर्वतारोहण पर्वतीय प्रदेशों की दिनचर्या है, वही दिनचर्या आज जीविका का माध्यम बन गई है। उसके गुण-दोष का विवेचन कीजिए।