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इस पाठ का नाट्य रूपांतर कर उसकी प्रस्तुति कीजिए। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

इस पाठ का नाट्य रूपांतर कर उसकी प्रस्तुति कीजिए।

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उत्तर

विद्यार्थियों को यह स्वयं करने के लिए कहा गया है।

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सूरदास की झोंपड़ी
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अध्याय 1: सूरदास की झोंपड़ी - योग्यता-विस्तार [पृष्ठ ११]

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एनसीईआरटी Hindi - Antaraal Class 12
अध्याय 1 सूरदास की झोंपड़ी
योग्यता-विस्तार | Q 1. | पृष्ठ ११

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भैरों ने सूरदास की झोपड़ी क्यों जलाई?


'यह फूस की राख न थी, उसकी अभिलाषाओं की राख थी।' संदर्भ सहित विवेचन कीजिए।


जगधर के मन में किस तरह का ईर्ष्या-भाव जगा और क्यों?


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'सूरदास उठ खड़ा हुआ और विजय-गर्व की तरंग में राख के ढेर को दोनों हाथों से उड़ाने लगा।' इस कथन के संदर्भ में सूरदास की मनोदशा का वर्णन कीजिए।

'तो हम सौ लाख बार बनाएँगे।' इस कथन के संदर्भ में सूरदास के चरित्र का विवेचन कीजिए।


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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

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