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प्रेमचंद के उपन्यास 'रंगभूमि' का संक्षिप्त संस्करण पढ़िए। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

प्रेमचंद के उपन्यास 'रंगभूमि' का संक्षिप्त संस्करण पढ़िए।

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उत्तर

उपन्यास सम्राट प्रेमचंद (1880-1936) का पूरा साहित्य, भारत के आम जनमानस की गाथा है रंगभूमि (1924-1925) उपन्यास ऐसी ही कृति है. नौकरशाही तथा पूँजीवाद के साथ जनसंघर्ष का ताण्डव; सत्य, निष्ठा और अहिंसा के प्रति आग्रह, ग्रामीण जीवन तथा स्त्री दुदर्शा का भयावह चित्र यहाँ अंकित हैl

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सूरदास की झोंपड़ी
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अध्याय 1: सूरदास की झोंपड़ी - योग्यता-विस्तार [पृष्ठ ११]

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एनसीईआरटी Hindi - Antaraal Class 12
अध्याय 1 सूरदास की झोंपड़ी
योग्यता-विस्तार | Q 2. | पृष्ठ ११

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अभिलाषाओं की राख से तात्पर्य है -


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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

"सच्चे खिलाड़ी कभी रोते नहीं, बाजी पर बाजी हारते हैं, चोट पर चोट खाते हैं, धक्के सहते हैं पर मैदान में डटे रहते हैं।" परीक्षा के समय को आधार मानकर 'सूरदास की झोंपड़ी' पाठ क्या संदेश देता है?


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