Advertisements
Advertisements
प्रश्न
जल, एथेनॉल और फ़ीनॉल को अम्ल प्रबलता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए और अपने उत्तर का कारण लिखिए।
उत्तर
अम्लता का बढ़ता हुआ क्रम है - एथेनॉल < जल < फ़ीनॉल। फ़ीनॉल में से प्रोटॉन के निकलने से प्राप्त हुआ फ़ीनॉक्साइड आयन अनुनाद द्वारा स्थायित्व प्राप्त कर लेता है जबकि एथेनॉल में से प्रोटॉन के निकलने से प्राप्त एथॉक्साइड आयन, —C2H5 समूह के ‘+I’ प्रभाव के कारण अस्थायी होता है। इसलिए फ़ीनॉल एथेनॉल से प्रबल अम्ल होती है। दूसरी ओर, एथेनॉल जल से दुर्बल अम्ल होती है क्योंकि इलेक्ट्रॉन विमोचक —C2H5 समूह ऑक्सीजन पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ा देता है अत: एथेनॉल के O—H आबंध की ध्रुवता कम होती है। जिसके कारण अम्ल प्रबलता कम हो जाती है अत: अम्ल प्रबलता उपरोक्त क्रम में बढ़ती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
टॉलूईन के सूर्य के प्रकाश में मोनोक्लोरीनन के पश्चात जलीय NaOH द्वारा अपघटन से ______ बनेगा।
निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ प्रबलतम क्षार की तरह कार्य कर सकती है?
ऐथेनॉल और 2-क्लोरोऐथेनॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है और क्यों?
ऐथेनॉल के ऐथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए।
फ़ीनॉल को ब्रोमीन जल से अभिकृत करने पर श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है। बनने वाले यौगिक का नाम और संरचना लिखिए।
निम्नलिखित यौगिकों को अम्लता के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए और उपयुक्त स्पष्टीकरण लिखिए।
फ़ीनॉल, o-नाइट्रोफ़ीनॉल, o-क्रीसॉल
प्रोपेन-2-ओन को तृतीयक-ब्युटिल ऐल्कोहॉल में कैसे परिवर्तित किया जा सकता है?
स्पष्ट कीजिए कि फ़ीनॉलों का OH समूह ऐल्कोहॉलों के OH समूह से अधिक मजबूती से क्यों आबंधित रहता है।
ऐल्कीनों के ऐल्कोहॉलों से विरचन में ऐल्कीन के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण होता है। इसकी क्रियाविधि स्पष्ट कीजिए।
कोल्बे अभिक्रिया में फ़ीनॉल के स्थान पर फ़ीनॉक्साइड आयन की अभिक्रिया कार्बन डाइआक्साइड के साथ की जाती है। क्यों?