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ऐल्कीनों के ऐल्कोहॉलों से विरचन में ऐल्कीन के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण होता है। इसकी क्रियाविधि स्पष्ट कीजिए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

ऐल्कीनों के ऐल्कोहॉलों से विरचन में ऐल्कीन के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण होता है। इसकी क्रियाविधि स्पष्ट कीजिए।

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उत्तर

अभिक्रिया की क्रियाविधि में निम्नलिखित तीन चरण सम्मिलित होते हैं- |

चरण 1: H3O+ के इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण के द्वारा ऐल्कीनों के प्रोटॉनन से कार्बोकेटायन बनते हैं।

\[\ce{H2O + H+ -> H3O+}\]

चरण 2: कार्बोकैटायन पर जल का नाभिकरागी आक्रमण

चरण 3: विप्रोटोनन जिससे ऐल्कोहॉल बनता है।

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ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का विरचन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 11: ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर - अभ्यास [पृष्ठ १७०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 11 ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q III. 43. | पृष्ठ १७०

संबंधित प्रश्न

ऐल्किल हैलाइडों को ऐल्कोहॉलों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया में ______ निहित होती है।


निम्नलिखित में से किन क्रियाओं में फ़ीनॉल प्राप्त होगा?

(i)
(ii)
(iii)
(iv)

प्राथमिक ऐल्कोहॉलों को ऐल्डिहाइडों में ऑक्सीकृत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से अभिकर्मक प्रयुक्त होते हैं?

(i) निर्जलीय माध्यम में CrO3

(ii) अम्लीय माध्यम में KMnO4

(iii) पिरीडिनियम क्लोरोक्रोमेट

(iv) Cu की उपस्थिति में 573 K पर तापन


ऐथेनॉल के ऐथेनैल में परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए।


निम्नलिखित यौगिकों को अम्लता के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए और उपयुक्त स्पष्टीकरण लिखिए।

फ़ीनॉल, o-नाइट्रोफ़ीनॉल, o-क्रीसॉल


ऐल्कोहॉल, सक्रिय धातु, उदाहरणार्थ Na, K इत्यादि से अभिक्रिया करके संगत ऐल्कॉक्साइड बनाती हैं। सोडियम धातु की प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐल्कोहॉलों के प्रति घटती हुई अभिक्रिया के क्रम को लिखिए।


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जल, एथेनॉल और फ़ीनॉल को अम्ल प्रबलता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए और अपने उत्तर का कारण लिखिए।


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) मेथेनॉल (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन
(ii) कोल्बे अभिक्रिया (b) एथिल ऐल्कोहॉल
(iii) विलियम्सन संश्लेषण (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन
(iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन (d) काष्ठ स्पिरिट
(v) राइमर-टीमन अभिक्रिया (e) 573 K पर तप्त कॉपर
(vi) किण्वन (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया

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