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प्रश्न
‘कर चले हम फ़िदा’ कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
‘कर चले हम फ़िदा’ कविता में 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध का मर्मस्पर्शी वर्णन है। यह कविता एक ओर भारतीयों के साहस तथा वीरता का उत्कृष्ट नमूना प्रस्तुत करती है, साथ ही उनके त्याग एवं बलिदान की अनुपम गाथा भी दोहराती है। यह कविता अपने रचना काल में जितनी प्रासंगिक थी उससे कहीं अधिक आज प्रासंगिक है। आज देश में पड़ोसी देश से जब घुसपैठ का खतरा बढ़ा है, जयचंदों की संख्या बढ़ी है तथा लोग भाषा, जाति, क्षेत्र, धर्म आदि के नाम पर अपनी डफली अपना राग अलाप रहे हों, तब इस कविता की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। यह कविता वीरों का उत्साह बढ़ाने और युवाओं में राष्ट्रभक्ति प्रगाढ़ करने के लिए अधिक प्रासंगिक है।
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'तुम्हीं राम, तुम्हीं लक्ष्मण' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि ______।
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निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई, फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया, कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं, सर हिमालय का हमने न झुकने दिया, मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो। ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे वो जवानी जो खेँ में नहाती नहीं, आज धरती बनी है दुलहन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों ! |
- 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' का अर्थ है -
(A) हिमालय को सजाना।
(B) हिमालय की हिफाज़त करना।
(C) भारत के गौरव को बनाए रखना।
(D) भारत का गुणगान करना। - कवि द्वारा 'साथियो' संबोधन का प्रयोग ______ के लिए किया गया है।
(A) कवियों
(B) शहीदों
(C) सैनिकों
(D) देशवासियों - 'मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि -
(A) सैनिक धरती को दुल्हन की तरह सजा हुआ देखकर प्रसन्न हो गए।
(B) सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा हेतु जोश और साहस से युद्ध किया।
(C) देशवासियों को बार-बार पुकारकर सैनिकों ने उनमें देशभक्ति का भाव जगाया।
(D) सैनिकों ने कभी भी टेढ़ेपन से बातचीत नहीं की, देश रक्षा ही एकमात्र उद्देश्य रहा। - 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' का भाव है -
(A) सैनिकों के हृदय में जीवित रहने की इच्छा नहीं।
(B) जीवित रहने का समय आनंददायक होना चाहिए।
(C) आत्म बलिदान द्वारा भी देश की रक्षा के लिए तत्पर।
(D) जीवन और मरण सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर। - इस काव्यांश का संदेश यह है कि हमें -
(A) हुस्न और इश्क को रुसवा करना चाहिए।
(B) देश को दूसरों के हवाले कर देना चाहिए।
(C) धरती को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए।
(D) देश पर कुर्बान होने के लिए तैयार रहना चाहिए।
पद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :
कैफ़ी आजमी का यह गीत - 'कर चले हम फिदा...' किनके बारे में लिखा गया है? इस गीत में उनकी किन विशेषताओं का वर्णन किया गया है?