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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −इस कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए। - Hindi Course - B

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
इस कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।

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उत्तर

प्रस्तुत कविता उर्दू के प्रसिद्ध कवि कैफ़ी आज़मी द्वारा रचित है। यह गीत युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म हकीकत के लिए लिखा गया है। इस कविता में कवि ने उन सैनिकों के हृदय की आवाज़ को व्यक्त किया है, जिन्हें अपने देश के प्रति किए गए हर कार्य, हर कदम, हर बलिदान पर गर्व है। इसलिए इन्हें प्रत्येक देशवासी से कुछ अपेक्षाएँ हैं कि उनके इस संसार से विदा होने के पश्चात वे देश की आन, बान व शान पर आँच नहीं आने देंगे, बल्कि समय आने पर अपना बलिदान देकर देश की रक्षा करेंगे।

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कर चले हम फ़िदा
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.8: कर चले हम फ़िदा - प्रश्न-अभ्यास (क) [पृष्ठ ४४]

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एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
अध्याय 1.8 कर चले हम फ़िदा
प्रश्न-अभ्यास (क) | Q 8 | पृष्ठ ४४

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया', इस पंक्ति में हिमालय किस बात का प्रतीक है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने 'साथियोंसंबोधन का प्रयोग किसके लिए किया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने इस कविता में किस काफ़िले को आगे बढ़ाते रहने की बात कही है?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
छू न पाए सीता का दामन कोई
राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो


‘फ़िल्म का समाज पर प्रभाव’ विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।


कैफ़ी आज़मी की अन्य रचनाओं को पुस्तकालय से प्राप्त कर पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। इसके साथ ही उर्दू भाषा के अन्य कवियों की रचनाओं को भी पढ़िए।


सैनिक जीवन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक निबंध लिखिए।


आज़ाद होने के बाद सबसे मुश्किल काम है ‘आज़ादी बनाए रखना’। इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए।


सैनिकों ने हिमालय का सिर न झुकने देने के लिए क्या किया?


‘भरते-मरते रहो बाँकपन साथियो के माध्यम से सैनिक देशवासियों को क्या संदेश देना चाहते थे?


अपना बलिदान देकर भी सैनिकों को दुख की अनुभूति क्यों नहीं हो रही है?


‘कर चले हम फ़िदा’ कविता युवाओं में राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति की भावना प्रगाढ़ करती है। स्पष्ट कीजिए।


‘कर चले हम फ़िदा’ कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।


कविता में राम, लक्ष्मण, सीता और रावण का प्रयोग किन संदर्भो में हुआ है, स्पष्ट कीजिए।


'तुम्हीं राम, तुम्हीं लक्ष्मण' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि ______।


निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -

साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई,
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया,
कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं,
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया,
मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो।
ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
जान देने की रुत रोज़ आती नहीं
हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे
वो जवानी जो खेँ में नहाती नहीं,
आज धरती बनी है दुलहन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों !
  1. 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' का अर्थ है -
    (A) हिमालय को सजाना। 
    (B) हिमालय की हिफाज़त करना।
    (C) भारत के गौरव को बनाए रखना। 
    (D) भारत का गुणगान करना।
  2. कवि द्वारा 'साथियो' संबोधन का प्रयोग ______ के लिए किया गया है।
    (A) कवियों
    (B) शहीदों
    (C) सैनिकों
    (D) देशवासियों
  3. 'मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि -
    (A) सैनिक धरती को दुल्हन की तरह सजा हुआ देखकर प्रसन्न हो गए।
    (B) सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा हेतु जोश और साहस से युद्ध किया।
    (C) देशवासियों को बार-बार पुकारकर सैनिकों ने उनमें देशभक्ति का भाव जगाया।
    (D) सैनिकों ने कभी भी टेढ़ेपन से बातचीत नहीं की, देश रक्षा ही एकमात्र उद्देश्य रहा।
  4. 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' का भाव है -
    (A) सैनिकों के हृदय में जीवित रहने की इच्छा नहीं।
    (B) जीवित रहने का समय आनंददायक होना चाहिए।
    (C) आत्म बलिदान द्वारा भी देश की रक्षा के लिए तत्पर। 
    (D) जीवन और मरण सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर।
  5. इस काव्यांश का संदेश यह है कि हमें -
    (A) हुस्न और इश्क को रुसवा करना चाहिए।
    (B) देश को दूसरों के हवाले कर देना चाहिए।
    (C) धरती को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए।
    (D) देश पर कुर्बान होने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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