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कवि की आँख फागुन की सुंदरता से क्यों नहीं हट रही है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

कवि की आँख फागुन की सुंदरता से क्यों नहीं हट रही है?

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

फागुन का मौसम तथा दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है। चारों तरफ का दृश्य अत्यंत स्वच्छ तथा हरा-भरा दिखाई दे रहा है। पेड़ों पर कहीं हरी तो कही लाल पत्तियाँ हैं, फूलों की मंद-मंद खुश्बू हृदय को मुग्ध कर लेती है। इसीलिए कवि की आँख फागुन की सुंदरता से हट नहीं रही है।

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अट नहीं रही है
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अध्याय 5: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है - अट नहीं रही है [पृष्ठ ३५]

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
अध्याय 5 सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है
अट नहीं रही है | Q 2 | पृष्ठ ३५

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